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यूपी में हुईं 3572 नियुक्तियां: सीएम योगी ने दिया नियुक्ति पत्र, किया एलान- छह महीने में देंगे एक लाख नौकरियां

Tue, 25 Aug 2026 11:26 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

यूपी में 3572 युवाओं को सरकारी नौकरी का तोहफा मिला। सीएम योगी ने इनको नियुक्ति पत्र सौंपा। कृषि विभाग और मंडी परिषद में इन सभी को नियुक्तियां मिली हैं। इस मौके पर सीएम ने एलान किया कि अगले छह महीने में एक लाख नौकरियां और देंगे।आगे पढ़ें पूरी खबर...
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सीएम योगी का विपक्ष पर हमला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी में कृषि विभाग और मंडी परिषद में चयनित युवाओं को मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने नियुक्ति पत्र सौंपे। कार्यक्रम राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित किया गया। 

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कृषि विभाग में प्राविधिक सहायक (ग्रुप-सी) के 3446 पदों, जबकि मंडी परिषद में मंडी सचिव के 126 पदों पर चयन प्रक्रिया हाल ही में पूरी हुई। दोनों विभागों के चयनित कार्मिकों को समारोह में नियुक्ति पत्र दिए गए। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारियों की मौजूदगी रही।

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छह महीने के अंदर एक लाख युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र देंगे

इस मौके पर सीएम योगी ने सबसे पहले नवनियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई दी। फिर कहा कि आज के दिन पारदर्शी तरीके से नियुक्ति पूरी करना अपने आप चैलेंज है। आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए सभी का चयन किया जाए, यह चैलेंज है, लेकिन हमारे भर्ती आयोग यह सफल रूप से कर रहे हैं। पिछले 9.5 वर्षों में भाजपा सरकार की यह उपलब्धि है। 9.30 लाख से अधिक सरकारी नौकरी दी है। एक भी भर्ती पर कोई सवाल नहीं खड़े कर सकता है। 

उन्होंने कहा कि 2017 से पहले भर्ती का विज्ञापन निकलता था, चाचा-भतीजा और महाभारत का खानदान वसूली पर निकल पड़ता था। युवाओं का समय खराब होता था। भर्ती के जिम्मेदार पदों पर भ्रष्ट लोगों को बैठा दिया गया था। हमने आते ही कहा था कि गड़बड़ी हुई तो माफिया की कमर तोड़ेगे, हमने करके दिखाया। अगले छह महीने के अंदर एक लाख युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र देने जा रहे हैं। यूपी के अंदर कभी ऐसी कल्पना नहीं होती थी।  

पहले की सरकार ने नकल को जन्मसिद्ध अधिकार बना दिया था

सीएम ने कहा कि भर्ती बोर्डों से भी कहता हूं कि भर्ती की समय सीमा को और कम कीजिए। पहले यूपी में 10वीं और 12वीं की परीक्षा में तीन महीने लगते थे। अगले तीन महीने परिणाम आने में लगते थे। करीब तीन महीने पर्व और त्योहारों में निकल जाते थे। सिर्फ तीन महीने ही पढ़ाई होती थी। पहले की सरकार ने नकल को जन्मसिद्ध अधिकार बना दिया था। इसी कराण पहचान का संकट खड़ा कर दिया था। 

उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद हमने कहा कि परीक्षा एक महीने के अंदर कराइए। अधिकारी बोले संभव नहीं है। हमने कहा कुर्सी छोड़िए हम करा लेंगे। आज 14 दिन में परीक्षा और 14 दिन में परिणाम यानी एक महीने से कम समय में परीक्षा पूरी हो रही है। परीक्षा को बच्चों को प्रताड़ित करने के लिए, बल्कि उनकी क्षमता का आकलन करने के लिए होना चाहिए।  

प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में युवाओं ने साथ दिया

पहले की सरकारों में बेटी सुरक्षित नहीं थी। किसान चिंतित थे। ट्यूबवेल की मोटर कब चोरी हो जाती थी, पता ही नहीं चलता था। आज चोरी करने वालों को पता है कि यदि चोरी की तो अगले दिन लंगड़ा हो जाएगा। आज यूपी की प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में युवाओं ने साथ दिया है। इनकी प्रतिभा का लाभ हमें मिला है। आज बिना किसी पैसे के लेनदेन के युवाओं को नियुक्ति पत्र मिले हैं। इसी का परिणाम है कि यूपी बीमारू राज्य से बाहर निकला है।  

सीएम ने कहा कि पहले युवाओं की उपेक्षा होती थी। कोई सरकार ये चाहे कि युवाओं की उपेक्षा करके प्रदेश को आगे बढ़ाए तो संभव नहीं है। आज पहचान का संकट नहीं है। 19, 20, 21 अगस्त को जापान के 240 सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल ने यूपी का दौरा किया। पहली बार इतना बड़ा प्रतिनिधिमंडल भारत के अंदर आया। भारत में भी यूपी आया। उन्होंने कहा कि हम यूपी के युवाओं को अपने यहां नौकरी देना चाहते हैं। 2017 से पहले ऐसा नहीं होता था। 5 हजार से अधिक युवाओं को हमने इस्राइल भेजा। आज वह 1.5 लाख रुपये महीना कमा रहे। घर को पैसे भेजते हैं। आज दुनिया यूपी के युवाओं को मांग रही है।   

सपा-बसपा ने चीनी मिलों को औने-पौने दामों में बेच दिया था

पहले एक सप्ताह दिन में एक सप्ताह रात में बिजली आती थी। हमने रायबरेली में पूछा कि चलो देते तो थे, वहां लोगों ने बताया कि सिर्फ तीन घंटे बिजली मिलती थी। आज हम किसान को फ्री बिजली दे रहे हैं। पहले किसानों का गन्ना मूल्य बकाया था। सपा-बसपा ने 30 चीनी मिलों को औने-पौने दामों में बेच दिया था। पहले एक चीनी मिल को सिर्फ तीन करोड़ में बेच दिया गया था। हमने सांसद  रहते उस माफिया को मिल को हासिल नहीं करने दिया। आज हम 100 से ज्यादा मिलें चला रहे हैं। 

सीएम ने आगे कहा कि पहले किसान और युवा सरकारों के एजेंडे पर नहीं था। 2014-15 में हुदहुद साइक्लोन आया था। भारत सरकार ने पैसा उपलब्ध कराया था। लेकिन, 2017 तक वह पैसा किसानों को नहीं मिल पाया था। 2017 में आने के बाद हमने वो पैसा किसानों को दिया। आज हमने कह रखा है कि किसी भी तरह की आपदा हो 24 घंटे के अंदर पैसा दे दिया जाए।
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जिम्मेदारी ठीक से निभाएं, यही नेशन फर्स्ट है

उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से कहा कि आप सभी लोगों से अपेक्षा है कि मंडी को चमकाइए। साफ सफाई हो। किसानों के बैठने की व्यवस्था हो। किसानों को सम्मान मिले। यही हमारा नेशन फर्स्ट है। सिर्फ भारत मां की जय कहने से काम नहीं बनेगा। अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभाएं, यही नेशन फर्स्ट है। किसान की आमदनी को कैसे बढ़ाएं, यह भी ध्यान रखें। जो किसान हमारा, दुनिया का पेट भरता है, उसका सम्मान होना चाहिए। 

यूपी में चीनी की कमी नहीं

आज कल चीनी की शार्टेज की बात हो रही है। लेकिन, यूपी में ऐसा नहीं है। यूपी में हर महीने चार लाख टन की खपत है, हमारे पास 28 लाख टन मौजूद है। 15 अक्तूबर से चीनी मिल फिर से शुरू करेंगे तो 90 लाख टन उत्पादन फिर से शुरू हो जाएगा। यानी हम प्रदेश ही नहीं देश के करोड़ों लोगों का पेट भी भर सकते हैं। 
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