यूपी के बहराइच में बुधवार को सेमरहना में भरथापुर के विस्थापित परिवारों को योगी आदित्यनाथ ने संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जिन 136 परिवारों के 500 लोगों को पिछली सरकारों ने नजरअंदाज किया, आज उन्हें नया जीवन देने का कार्य हो रहा है। यह सेवा और संवेदना की सरकार का उदाहरण है। अब कोई भी गरीब, दलित, पिछड़ा या जनजातीय परिवार उपेक्षित नहीं रहेगा।
सीएम ने पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार जाति के चश्मे से जाति या संप्रदाय के आधार पर नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना के आधार पर काम करती है। इन 500 लोगों में दलित, पिछड़े, मौर्य-कुशवाहा, जनजातीय सभी वर्ग के लोग हैं। लेकिन, हमारे लिए सभी एक परिवार के सदस्य हैं।
सीएम योगी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि यह पहल सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में ऐसे जरूरतमंद परिवारों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जहां हर व्यक्ति को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का अधिकार मिले।
इससे पहले सीएम योगी ने डिजिटल क्लिक करके 1 करोड़, 63 लाख 30 हजार की धनराशि भरथापुर गांव के ग्रामीणों के खाते में भेजी। इसके बाद वन विभाग की ओर से प्रत्येक परिवार को निर्धारित धनराशि का प्रमाणपत्र और अन्य उपहार दिए।
सीएम ने कहा कि कतर्नियाघाट जंगल में स्थित वन ग्राम टेड़िया, ढकिया, गोकुलपुर, बिछिया, भवानीपुर को राजस्वग्राम का दर्जा दिया गया है। इन गांवों की भी मूलभूत आवश्यकताओं को दुरुस्त किया जाएगा। कोई भी ग्रामीण सुविधा से वंचित नहीं रहेगा।