मुख्यमंत्री ने कहा कि ने कोविड संक्रमण की तेज दर में मरीजों की तादाद बढ़ी है। इस बार की लहर में ऑक्सीजन की मांग सामान्य से कई गुना अधिक बढ़ी है। इस संबंध में व्यवस्था कराई जा रही है। किंतु कुछ लोग अनावश्यक भय के कारण ऑक्सीजन सिलिंडर की जमाखोरी करने में लग गए हैं। रेमेडेसीवीर जैसी जीवनरक्षक मानी जा रही दवा की कालाबाजारी कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। आपदा की इस स्थिति में मुनाफाखोरी की घटनाएं शर्मनाक हैं। इस पर कार्रवाई की जाए।
टेलीकन्सल्टेशन को और प्रभावी बनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि टेलीकन्सल्टेशन को और प्रभावी बनाएं। नॉन कोविड मरीजों को भी टेलीकन्सल्टेशन की सुविधा मिले। चिकित्सकों से संपर्क नम्बर, समय और विशेषज्ञता के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। विशेषज्ञ चिकित्सकों का पैनल गठित किया जाए। लोगों को सही जानकारी दी जाए कि किसे अस्पताल में भर्ती होना जरूरी है, किसे रेमेडेसीवीर की जरूरत है और किन मरीज को ऑक्सीजन की अनिवार्यता है। अनावश्यक भय और अज्ञानता के कारण लोग इन आवश्यक चीजों के संग्रह कर रहे हैं। इससे व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
फर्जी चिकित्सक मानवता के अपराधी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछेक जिलों में कुछ अस्पतालों द्वारा मरीजों से अवैध वसूली की शिकायत मिली है। फर्जी चिकित्सकों की भी खबरें आई हैं। यह लोग मानवता के अपराधी हैं। इन की सार्वजिनक निंदा होनी चाहिए। पुलिस ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
कोविड वॉरियर्स से अभद्रता अस्वीकार्य
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवा से जुड़े कोविड वॉरियर्स के साथ अभद्रता की घटनाओं की निंदा की है। स्वास्थ्यकर्मी पूरी प्रतिबद्धता के साथ लोगों की सेवा में दिन-रात लगे हुए हैं। उनके साथ अभद्रता कतई स्वीकार नहीं की जा सकती। जिला प्रशासन ऐसी घटनाओं पर कठोरतम कार्रवाई करें। प्रत्येक दशा में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड टीकाकरण का कार्य सुचारू रूप से संचालित हो, इसके लिए प्रदेश सरकार ने ग्लोबल टेंडर जारी करने का निर्णय लिया है। सीरम इंस्टिट्यूट और भारत बायोटेक को 50-50 लाख डोज का ऑर्डर दे दिया गया है। इसके अलावा 4-5 करोड़ डोज के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया जाए। इस कार्यवाही को तुरंत आगे बढ़ाया जाए। एक मई से 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का टीकाकरण होगा।
कोविड प्रबंधन के लिए अब सेक्टर प्रणाली
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड प्रबंधन को और व्यवस्थित करने के लिए जिलों में सेक्टर प्रणाली लागू की जाए। सेक्टर मैजिस्ट्रेट क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करें। हर छोटी-बड़ी गतिविधियों पर सीधी नजर रखें। हर जरूरतमंद को सरकारी नीतियों के अनुरुप सभी जररूरी मदद उपलब्ध कराएं। यह व्यवस्था जनहित में उपयोगी होगी।
पुलिस लाइन में बनाएं कोविड सहायता केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से विशेष प्रयास की जरूरत है। गृह विभाग और स्वास्थ्य विभाग के परस्पर समन्वय से पुलिस लाइन में आवश्यक प्रबंध किए जाएं। प्रत्येक पुलिस लाइन में कोविड सहायता केंद्रो तथा आइसोलेशन वार्ड की सुविधा होनी चाहिए।
विधायक, जज और आईएएस अधिकारी के योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने विधायक केसर सिंह, सुरेश श्रीवास्तव और रमेश दिवाकर, हाइकोर्ट के जज वीके श्रीवास्तव और राजस्व परिषद के अध्यक्ष वरिष्ठ आईएएस दीपक त्रिवेदी के असामयिक निधन को अत्यंत दु:खद बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन गणमान्य जनों द्वारा लंबे सार्वजनिक जीवन में समाज हित में किए गए कार्यों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करती है। उन्होंने इनके परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं।