समरसता और समानता का संदेश देते हैं श्रीकृष्ण
सीएम योगी ने कहा कि श्रीकृष्ण कुलीनता के नहीं, बल्कि समरसता के प्रतीक हैं। वह समाज के हर वर्ग के साथ खड़े रहे। द्वारकाधीश होते हुए भी सुदामा के आत्मीय मित्र बने रहे। उनकी मित्रता यह संदेश देती है कि सच्चे संबंध पद, प्रतिष्ठा और संपन्नता से नहीं, बल्कि आत्मीयता से बनते हैं। उन्होंने कहा कि समरसता, समानता और आत्मीयता आज के समाज की भी आवश्यकता है।
बाल लीलाओं में छिपे जीवन के गहरे संदेश
सीएम ने कहा कि असत्य और अन्याय के अंधकार के बीच भगवान श्रीकृष्ण के रूप में सत्य और धर्म का प्रकाश प्रस्फुटित हुआ। उनकी बाल लीलाएं केवल आनंद देने वाली कथाएं नहीं हैं, बल्कि उनमें गहरे आध्यात्मिक संदेश छिपे हैं। माखन चोरी की लीला सहजता और निश्छलता, जबकि गोप-गोपियों के साथ उनकी आत्मीयता प्रेम और सामाजिक समरसता का संदेश देती है। कालिय नाग के दमन की लीला अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है।