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पुलिसकर्मियों के अवकाश व प्रोन्नति संबंधी समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता : सीएम योगी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 21 Oct 2018 11:43 AM IST
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पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर सीएम योगी

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर रविवार को राजधानी लखनऊ स्थित पुलिस लाइन में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के अवकाश, प्रमोशन और भत्तों संबंधी कई समस्याओं से जुड़ी बड़ी घोषणाएं की।

शोक परेड के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि मैं बहादुर जवानों के परिवार को आश्वस्त करता हूं कि राज्य सरकार उन्हें हर सम्भव सहयोग करने के लिए तत्पर रहेगी।



चिकित्सा प्रतिपूर्ति प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए चिकित्सा विभाग को निर्देश दिए जा चुके हैं। अब पुलिसकर्मियों को 1 लाख रुपए तक के सहयोग के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। 1 लाख तक का मेडिकल क्लेम विभागाध्यक्ष द्वारा ही स्वीकृत किया जा सकेगा।

इसके साथ ही जो पुलिसकर्मी कोमा में चले जाते हैं उन्हें असाधारण पेंशन दिए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को मिलने वाली सहायता राशि को 20 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपए कर दिया गया है। इसमें माता-पिता को भी 10 लाख रुपए की धनराधि प्रदान की जाएगी।

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पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर सीएम योगी
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर रविवार को राजधानी लखनऊ स्थित पुलिस लाइन में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के अवकाश, प्रमोशन और भत्तों संबंधी कई समस्याओं से जुड़ी बड़ी घोषणाएं की।

शोक परेड के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि मैं बहादुर जवानों के परिवार को आश्वस्त करता हूं कि राज्य सरकार उन्हें हर सम्भव सहयोग करने के लिए तत्पर रहेगी।

चिकित्सा प्रतिपूर्ति प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए चिकित्सा विभाग को निर्देश दिए जा चुके हैं। अब पुलिसकर्मियों को 1 लाख रुपए तक के सहयोग के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। 1 लाख तक का मेडिकल क्लेम विभागाध्यक्ष द्वारा ही स्वीकृत किया जा सकेगा।

इसके साथ ही जो पुलिसकर्मी कोमा में चले जाते हैं उन्हें असाधारण पेंशन दिए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को मिलने वाली सहायता राशि को 20 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपए कर दिया गया है। इसमें माता-पिता को भी 10 लाख रुपए की धनराधि प्रदान की जाएगी।

बढ़ रही पुलिस बल की संख्या

सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाकर अवकाश की समस्या का समाधान किया जाएगा। वर्तमान में 29 हजार सिपाही ट्रेनिंग कर रहे हैं। 42,000 पुलिस कर्मियों की भर्ती प्रचलित है। इसमें और तेजी लाने के लिए अगले चरण में 51,216 पुलिस कर्मियों की भर्ती का भी कार्यक्रम पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा घोषित किया गया है। वहीं पुलिसकर्मियों के मनोबल में बढ़ोतरी के लिए वर्ष 2017 में 9,892 व 2018 में 37,575 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति प्रदान की गयी जो कि अब तक का एक रिकॉर्ड है। सीएम ने कहा कि एक लाख 25 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती को पूरा करके प्रदेश में पुलिसबल की कमी को जल्द पूरा किया जाएगा।

दूर होगी सिपाहियों की आवासीय समस्या

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न जिलों में पुलिस लाइन व थानों में बैरकों की कमी है। के कारण कई पुलिस कर्मियों को आवासीय सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है। इसके लिए बैरकों की व्यवस्था की जा रही है। इसी तरह सात जिलों में नई पुलिस लाइन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और भूमि के चयन की कार्रवाई अंतिम दौर में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस कर्मियों के एक लाख रुपये तक के चिकित्सा प्रति पूर्ति संबंधित मामलों का डीजीपी स्तर से निपटा दिए जाएंगे। इसके लिए नियमावली में संशोधन के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है।

पुलिस सुधार के लिए होगा तीन सदस्यीय आयोग का गठन

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर समय-समय पर राज्य सरकार को अपनी संस्तुतियां उपलब्ध कराने के लिए पुलिस आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए तीन सदस्यीय आयोग का गठन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि साइकिल भत्ते और वर्दी भत्ते केलिए वित्त आयोग की संस्तुतियां आ गई हैं। जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा। इस संबंध में शासनादेश जारी करने के लिए 30 नवंबर की डेडलाइन संबंधित अधिकारियों को दी गई है।

कोमा में जाने वाले जवान के परिजन को असाधारण पेंशन

मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्यूटी के दौरान घायल होकर कोमा में जाने वाले पुलिस कर्मियों के परिजनों को असाधाण पेंशन के लिए नियमावली में संशोधन केलिए 30 नवंबर तक का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि शहीद होने वाले जवानों के परिजनों को 40 लाख रुपये और माता-पिता को दस लाख रुपये दिए जा रहे हैं। इसके अलावा ऐसे जवान जो यूपी के हैं और किसी अन्य जनपद में सेवा के दौरान शहीद हुए हैं, उनके पजिरनों को भी 25 लाख रूपय की सहायता दी जा रही है।

शहीद सिपाहियों के नाम पर सड़क

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पुलिस कर्मी जो मुठभेड़, आतंकवादी घटनाओं या अन्य शान्ति व्यवस्था की परिस्थितियों में शहीद हुए हैं उनके सम्मान में उनके पैतृक गांव के सम्पर्क मार्ग का नामकरण उनके नाम से किया जायेगा। शहीद आरक्षी अंकित तोमर के नाम से उनके पैतृक गांव वाजिदपुर, बागपत और शहीद उप निरीक्षक जय प्रकाश सिंह के पैतृक गांव बनेवरा, जौनपुर के सम्पर्क मार्ग का नामकरण का प्रस्ताव शासन को मिल गया है, जल्द ही इसका शासनादेश जारी किया जाएगा।

डीजीपी की पीठ थपथपाई

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अपराध और कानून व्यवस्था की स्थिति पर संतोष व्यक्त किया और अच्छे तरीके से त्यौहारों को बिना किसी बड़ी समस्या के निपटाने पर उन्होंने पूरे पुलिस महकमे की पीठ थपथपाई। डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने भी इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने शोक परेड की सलामी ली और शहीद पुस्तिका को मंच पर प्रस्थापित किया। उन्होंने शहीद स्मारक पर शहीदों की स्मृति में पुष्पचक्रभी अर्पित किए। उन्होंने शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया। डीजीपी ने प्रदेश के शहीद हुए 67 जवानों की सूची पढ़कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
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