इस मौके पर पहुंचे किसान।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा इंटर्नेशनल एयरपोर्ट की स्थापना से औद्योगिक अवस्थापना का संरचनात्मक विकास होगा, जिससे रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे, विनिर्माण एवं निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा तथा हवाई यातायात सुगम होगा साथ ही पर्यटन में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस एयरपोर्ट के निकट कई औद्योगिक सेक्टरों का विकास यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में हुआ है। आनेवाले दिनों में यह क्षेत्र सबसे बड़ा औद्योगिक और सर्विस सेक्टर की गतिविधियों का केंद्र बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि जेवर अब तक अंधेरे में डूबा हुआ था, अब वैश्विक पटल पर चमकने का समय है। अगले 10 वर्षों में यह देश का सबसे विकसित क्षेत्र होगा, पूरी दुनिया यहां की समृद्धि को देखेगी। इससे पहले मुख्यमंत्री आवास पर किसानों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट के विकास में सहयोग के लिए सराहना भी की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक मात्र दो वर्षों में इसके लिए 1334 हेक्टयर यानी लगभग 3300 एकड़ भूमि का अधिग्रहण बिना किसी विवाद के संपन्न हुआ। सारी कार्यवाही किसानों की सहमति से हुई।
उन्होंने कहा कि इस एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी ईस्टर्न पेरीफेरल रोड से भी यमुना एक्सप्रेस वे पर इंटर्चेंज बनाकर की जाएगी। दिल्ली वाराणसी हाई स्पीड रेल से भी नोएडा एयरपोर्ट के टर्मिनल के पास स्टेशन बना कर जोड़ा जाना है, साथ ही नई दिल्ली और ग्रेटर नॉएडा से जोड़ने के लिए आरआरटीएस रेल की डीपीआर का अनुमोदन राज्य सरकार द्वारा दी जा चुकी है तथा इसे अंतिम अप्रूवल के लिये भारत सरकार को भेज किया गया है। यही नहीं, नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल से भी जोड़ा जा रहा है, जिसका स्टेशन नोएडा एयरपोर्ट के टर्मिनल के पास होगा। इसके बाद दिल्ली से नॉएडा एयरपोर्ट की दूरी मात्र 21 मिनट में तय होगी। इसके अलावा, नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे से बल्लभगढ़ (हरियाणा) से जोड़ा जा चुका है। यह 30 किमी लम्बा है, जिसमें से 8.5 किमी उत्तर प्रदेश में तथा 21.5 किमी हरियाणा में स्थित है। इस हेतु एनएचएआई द्वार निर्माण की कार्यवाही की जा रही है। कार्यक्रम के सूत्रधार रहे विधायक जेवर धीरेंद्र सिंह ने किसानों की मांग पूरी करने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।