मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूली बच्चों को स्मार्टफोन का इस्तेमाल कम करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि तकनीक आज के समय की जरूरत है, लेकिन इसकी अपनी सीमा भी है। स्मार्टफोन पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। साथ ही, ज्यादा स्क्रीन टाइम का आंखों की रोशनी पर भी असर पड़ सकता है।
योगी ने कहा कि अगर जीवन में आगे बढ़ना है तो अच्छी सोच विकसित करनी होगी। तकनीक जरूरी है, लेकिन जब किसी चीज पर निर्भरता इतनी बढ़ जाए कि वह हमारी सोचने की क्षमता को प्रभावित करने लगे तो उससे दूरी बना लेनी चाहिए। उन्होंने स्मार्टफोन को आज की पीढ़ी के लिए एक चुनौती बताया।
मुख्यमंत्री ने कैलकुलेटर का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले लोग पहाड़े और गिनती याद कर लेते थे। अब कैलकुलेटर पर बढ़ती निर्भरता से ऐसी चीजों को याद रखने की क्षमता कम हुई है। इसी तरह आज लोग लगभग हर काम के लिए स्मार्टफोन पर निर्भर होते जा रहे हैं।
योगी ने उन बच्चों को विशेष रूप से स्क्रीन टाइम कम करने की सलाह दी, जो रोजाना चार से छह घंटे स्मार्टफोन पर बिताते हैं। उन्होंने कहा कि स्क्रीन टाइम को अचानक कम करने के बजाय धीरे-धीरे घटाया जा सकता है।
‘स्नेह बंधन’ कार्यक्रम के दौरान स्कूली छात्राओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने छात्राओं को उपहार भी दिए। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को तकनीक का संतुलित इस्तेमाल करने और पढ़ाई के साथ अच्छी पुस्तकों को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।