मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों में तैनाती पाने वाले वाले नवचयनित नलकूप चालकों से संवाद भी किया। सीएम ने कहा कि सभी 3209 नवचयनित अभ्यर्थियों को इस बात पर गर्व करना चाहिए कि उन्हें किसी सिफारिश या जुगाड़ से यह सरकारी नौकरी नहीं मिली है। यह नौकरी आपकी अपनी मेधा, क्षमता और मेहनत से मिली है। सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नौकरी का एक मात्र आधार 'मेरिट' ही है।
पिछले दिनों 69000 प्राथमिक शिक्षकों के चयन की बात हो, या पुलिस विभाग में 137000 पदों पर नियुक्ति, एक भी चयन सिफारिश या जुगाड़ से नहीं हुआ। जिसमें प्रतिभा है, उसे ही नौकरी मिलेगी।
सीएम ने कहा कि बीते साढ़े तीन साल में करीब 4 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है तो 15 लाख ने निजी क्षेत्र में कॅरियर बनाया है। यही नहीं, बैंकों से जोड़कर सरकार ने डेढ़ करोड़ युवाओं को स्वतः रोजगार के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए हैं। सीएम ने कहा कि 'मिशन रोजगार' का यह क्रम जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण एवं पदस्थापना कार्यक्रम में लखनऊ में तैनाती पाने वाले नवचयनित नलकूप चालक शोभित शुक्ला, सुजीत नारायण, अरुण कुमार, ख्याति शर्मा और कंचन निषाद को मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्रदान किये। जबकि, शेष युवाओं को जनपदों में आयोजित कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने नियुक्ति पत्र दिए।