मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोस्वामी तुलसीदास के शब्दों में कहा, ''दैविक भौतिक तापा, रामराज नहीं काहूं व्यापा'', यानी रामराज्य में दैहिक, दैविक और भौतिक ताप किसी को नहीं व्यापते। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछले साढ़े आठ साल से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने वाले और उसी के अनुरूप देश में रामराज्य की परिकल्पना को साकार करने वाले राजनेता हैं।
देश ही नहीं दुनिया ने देखा है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमने कैसे कोरोना जैसी महामारी का सामना किया। 135 करोड़ जनता को अपना परिवार मानकर काम करने वाले प्रधानमंत्री ने करोना कालखंड में बिना भेदभाव के फ्री टेस्ट, फ्री वैक्सीन, फ्री उपचार के साथ ही गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 80 करोड़ जनता को फ्री राशन देने का कार्य किया। हर गरीब के सिर पर छत, मुफ्त बिजली के साथ साथ गरीब को 5 लाख के स्वास्थ्य बीमा से कवर करने का कार्य रामराज्य के संकल्प की दिशा में किया गया प्रयास ही है। चाहे देश के 10 लाख युवाओं को अग्निवीर के माध्यम से रोजगार और देश सेवा से जोड़ने का कार्य हो या विरासत का सम्मान प्रधानमंत्री के हर कार्य में रामराज्य के लक्ष्य की प्राप्ति का संकल्प दिखता है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण हो रहा है, चाहे महाकाल का लोक हो, काशी में भगवान विश्वनाथ का भव्य धाम का बन चुका है। उत्तराखंड के चार धामों के पुनरोद्धार का कार्य किस रूप में हो रहा है, ये हर भारतवासी को गौरव की अनुभूति कराता है। आज हर भारत वासी विरासत के इस सम्मान से अभिभूत है। योग को वैश्विक मंच पर सम्मान देना हो या प्रयागराज कुंभ के माध्यम से दुनिया के सबसे बड़े आयोजन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य हो, ये सब साकार हुआ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में। आज विंध्यवासिनी धाम का पुनरोद्धार कॉरीडोर के रूप में युद्धस्तर पर चल रहा है। रामायण सर्किट, कृष्णा सर्किट, बौद्ध परिपथ की बात हो या देशभर में शक्तिपीठों के पुनरोद्धार का कार्य। ये सब अपनी विरासत का सम्मान ही तो है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री देश के किसी भी कोने में जाते हैं पूरा भारत एक साथ उनके नेतृत्व में बोलता, डोलता और चलता हुआ दिखायी देता है। यहां पर प्रभु श्रीराम के अभिषेक के साथ पीएम का जुड़ना पूरे भारतवासियों को अभिभूत कर रहा है। हर व्यक्ति जानता है कि 500 वर्ष के बाद श्रीराम के भव्य मंदिर के कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए जिस संकल्प की आवश्यक्ता थी वह संकल्प आज साकार हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नेतृत्व प्रभु श्री राम के आदर्शो के अनुरूप भारत को विकास की नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है।