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सीएम योगी की दो टूक- लापरवाही पर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल की तय की जाएगी जवाबदेही

Wed, 19 Aug 2020 09:59 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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फाइल फोटो - फोटो : एएनआई
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश सरकार कोविड मरीजों को बेहतर उपचार देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसे ध्यान में रखते हुए कोविड अस्पतालों की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखा जाए। 
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किसी भी दशा में दवा के अभाव में मरीज का इलाज प्रभावित नहीं होना चाहिए। राज्य सरकार ने सभी जिलों को कोविड-19 के उपचार के 3 से 5 करोड़ रुपये अतिरिक्त उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को इस रकम से कोविड-19 के उपचार की आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री बुधवार को अपने आवास पर उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों को उपलब्ध कराई गई राशि का पूरा उपयोग मरीजों के बेहतर इलाज पर किया जाए। इस कार्य में लापरवाही बरती गई तो संबंधित प्रिंसिपल की जवाबदेही तय की जाएगी। 
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उन्होंने कहा कि कोविड अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में बेड्स की व्यवस्था की जाए। उन्होंने प्रत्येक जिले में ‘108’ तथा एएलएस एंबुलेंस सेवाओं की 50 प्रतिशत एंबुलेंस का उपयोग कोविड प्रकरणों में तथा शेष 50 प्रतिशत का उपयोग नॉन कोविड प्रकरणों में किए जाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव आरके तिवारी व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 
 
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कोविड की निगेटिव रिपोर्ट वालों की होगी टीबी की जांच

कोविड-19 की जांच में निगेटिव पाए गए सांस के गंभीर रोगियों (सीवियर एक्यूट रेस्परेटरी इलनेस-सारी) और सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण (इंफ्लूएंजा लाइक इलनेस-आईएलआई) के मरीजों की टीबी की जांच कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए सभी जिला क्षय रोग अधिकारियों को पत्र भेजा है। 

महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. डीएस नेगी के अनुसार कोविड-19 और टीबी के कई लक्षण सामान होते हैं। गत 31 जुलाई तक प्रदेश के सभी जिलों में चिह्नित 38,324 सांस के गंभीर रोगियों और सर्दी-जुकाम के लक्षण वाले 65, 595 रोगी कोविड-19 जांच में निगेटिव पाए गए हैं। इनमें कई टीबी रोगी भी हो सकते हैं। इन सभी की जिला स्तर पर टीबी की जांच करानी जरूरी है। 
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