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UP News: मुख्यमंत्री योगी बोले, भ्रष्टाचार, जातिवाद, भेदभाव पर बड़े प्रहार के लिए हों तैयार

Thu, 20 Jul 2023 10:54 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

मुख्यमंत्री योगी ने नवनियुक्ति अधिकारियों से भ्रष्टाचार, जातिवाद और भेदभाव पर बड़ा प्रहार करने का आह्वान किया। किसी का नाम लिए बगैर पिछली सरकारों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि छह साल पहले तक इस राज्य में जगह-जगह बेईमान और भ्रष्ट लोगों को बैठा दिया जाता था, जो प्रदेश को खोखला बनाने में लगे हुए थे ।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवनियुक्ति अधिकारियों से भ्रष्टाचार, जातिवाद और भेदभाव पर बड़ा प्रहार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार वाद प्रदेश के विकास में बाधक है। किसी का नाम लिए बगैर पिछली सरकारों पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छह साल पहले तक इस राज्य की पहचान एक बीमारू राज्य के रूप में होती थी, क्योंकि जगह-जगह बेईमान और भ्रष्ट लोगों को बैठा दिया जाता था, जो प्रदेश को खोखला बनाने में लगे हुए थे । उन्होने कहा कि 2017 में सत्ता संभालने के बाद सरकार ने बिना भेदभाव के काम करना शुरू किया। इसका ही परिणाम है कि अब तक साढ़े पांच करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आ चुके हैं । नीति आयोग के आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि उप्र देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है ।

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मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को यहां लोकभवन में मिशन रोजगार के तहत आयोजित चयनित 700 अधिकारियों के नियुक्ति पत्र बांटने के बाद संबोधित कर रहे थे । उन्होंने नव नियुक्त अधिकारियों से कहा कि आपके सार्वजनिक जीवन का कालखंड करीब 30-35 साल रहेगा। इस काल खंड में आपके सामने खुद की नई पहचान बनाने की कड़ी चुनौती होगी और वह आपके काम से बनेगी। इसलिए आपको सरकार के अंग के तौर पर जातिवाद, भाई-भतीजावाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद और भ्रष्टाचार से दूर रहकर निष्पक्षता और पारदर्शिता से काम करने का संकल्प लेना होगा।

उन्होंने अधिकारियों को सेवाकाल में अधिक संवेदनशीलता से काम करने और ईमानदारी से मेहनत करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आमजन की शिकायतों के निस्तारण के प्रति व्यावहारिक होकर निर्णय लेने के साथ ही अंहकार छोड़कर कार्य करने भी सलाह दी। मुख्यमंत्री ने 422 आयुर्वेद डॉक्टरों के चयन की चर्चा करते हुए कहा कि आयुष विभाग में वर्षों से पद रिक्त थे, लेकिन भर्ती नहीं होती थी, लेकिन अब प्रदेश में जहां रिक्त पदों भर्ती होने लगा है, वहीं विश्वविद्यालय की स्थापना हुई है। उन्होंने नवचयनित डॉक्टरों को शालीनता पूर्वक मरीजों की सेवा करने की सीख दी।
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इस मौके पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, नगर विकास मंत्री एके शर्मा और आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्र दयालू ने भी नव चयनित अधिकारियों को संबोधित किया। कार्यक्रम में मंत्री खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, राजस्व राज्य मंत्री अनूप प्रधान बाल्मीकि, खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा के अलावा मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र और डीजीपी विजय कुमार समेत सभी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

समय से पहले होना पड़ता है सेवामुक्त
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि अपनी कार्यप्रणाली की वजह से बहुत से अधिकारियों को समय से पहले सेवामुक्त भी होना पड़ता है। इसलिए बहुत ही सावधानी से ईमानदारी और निष्ठा से कार्य करेंगे तो आपकी अलग पहचान मिलेगी।

कुछ अधिकारी सिर्फ मीटिंग ही करते रहते हैं
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सिर्फ मीटिंग में व्यस्त रहने की आदत छोड़कर फील्ड में उतरने की भी सलाह दी। कहा, बहुत से अधिकारी हैं, जो सिर्फ मीटिंग ही करते रहे हैं, जबकि कुछ अधिकारी ऐसे होते हैं, जिन्हें जनता वर्षों तक याद रखती है।

'मैं जिंदा हूं' का तख्ती लेकर न बैठना पड़े
मुख्यमंत्री ने नव चयनित नायब तहसीलदारों से संवेदनशील होकर कर कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि आपकी कार्यशैली जनता के प्रति जवाबदेह होगी तो किसी को 'मैं जिंदा हूं' की तख्ती लेकर नहीं बैठना पड़ेगा। जमीन की पैमाइश आदि के काम में निष्पक्षता से काम करने की सलाह देते हुए कहा आप एक अच्छे अधिकारी तभी साबित होंगे जब जनता को समय सीमा के भीतर न्याय देंगे।

इन अधिकारियों को मिला नियुक्ति प्रमाण पत्र
डिप्टी कलेक्टर 39, पुलिस उपाधीक्षक 93, खाद्य विपणन अधिकारी/जिला पूर्ति अधिकारी 07, कोषाधिकारी/लेखाधिकारी 12 , अधिशासी अधिकारी श्रेणी-1/सहायक नगर आयुक्त/कर निर्धारण अधिकारी 10, तहसीलदार 44, आयुष विभाग में चिकित्साधिकारी 422, प्राविधिक सहायक/खान अधिकारी/खान निरीक्षक 53, व्यवस्थाधिकारी 5, खादी ग्रामोद्योग विभाग में प्रबंधक/विशेष कार्याधिकारी 15।

नौकरी के साथ ही मांगा संपत्ति का घोषणापत्र और दहेज न लेने का शपथपत्र
नई नई सरकारी नौकरी पाने वाले युवाओं को नियुक्ति के साथ ही संपत्ति की घोषणा करना पड़ेगी। साथ ही दहेज न लेने का शपथपत्र भी उन्हें अनिवार्य रूप से देना होगा। ऐसे कई अहम शपथपत्र उन्हें आदेश पत्र प्राप्त करने के एक महीने के अंदर जमा करने होंगे। राज्य व प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले युवाओं को नौकरी से पहले कई शपथपत्र और प्रमाण पत्र देना होंगे। सभी अभ्यर्थियों को नियुक्ति से पहले कर्जदार व डिफाल्टर न होने का घोषणापत्र देना पड़ेगा। एक से अधिक पति या पत्नी न होने की घोषणा करनी होगी। दहेज न लेने का प्रमाणपत्र देना होगा। उन्हें अपनी ऐसी चल व अचल संपत्तियों की घोषणा करना होगी, जिसके वे स्थायी सदस्य हों।
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