मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को भारत रत्न व पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की चौथी पुण्यतिथि पर कहा कि वे भारत का चमकता सितारा थे। उन्होंने दुनिया के सामने भारत को नई पहचान दी। आज भारत दुनिया में मजबूत स्थिति में खड़ा है तो इसके पीछे उन्हीं का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने देश के लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए हर कार्य किया। देश की तरक्की के बारे में सोचा, दिशा दी। उनका मानना था कि राजनीति देश के समग्र विकास की हो।
राजधानी के चौक स्थित साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह व अटल के जीवन चरित्र पर आधारित ‘विश्व स्वर अटल अमर’ में उन्होंने कहा कि अटलजी का हर दल में सम्मान था। वह हर सम, विषम परिस्थिति का डटकर मुकाबला करते थे। भाजपा जब दो सीटों में सिमट गई थी, तब भी उन्होंने हार नहीं मानी। कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलते रहे। अपने गीत ‘कदम मिलाकर चलना होगा...’ की तरह पार्टी को खड़ा किया और 89 के चुनाव से सीटें बढ़ती रहीं। वर्ष 1996 में पहली बार देश में भाजपा की सरकार बनी।
‘अटलजी का मानना था कि व्यक्ति न ऊंचा होता है और न नीचा। न बड़ा होता है, न छोटा। वह सिर्फ व्यक्ति होता है। हम भाग्यशाली हैं कि उन्होंने जो नींव रखी, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं। लोकतंत्र के सपने को संकल्प के रूप में साकार कर रहे हैं।’
- योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
अटल ने संगठन को शून्य से शिखर तक पहुंचाया : केशव
भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह व उनके जीवन चरित्र पर आधारित ‘विश्व स्वर अटल अमर’ प्रस्तुति के अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अटल ने संगठन को शून्य से शिखर तक पहुंचाया है। वह शरीर से जा सकते हैं, लेकिन धरती जब तक है हमसे उन्हें कोई अलग नहीं कर सकता। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि अटल ने पार्टी व देश के सम्मान में दिन, रात काम किया। वहीं कांग्रेस ने हमेशा बदले की भावना से काम किया। सोनिया गांधी ने उन्हें निक्कमा और भ्रष्ट कहा था। तब अटल जी ने कहा कि अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा और कमल खिलेगा। कार्यक्रम के संयोजक व उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अतिथियों का स्वागत करने के साथ ही कहा कि राष्ट्र निर्माण में अटल ने अहम भूमिका अदा की है। उनकी छवि ईमानदार नेता की रही। उनके दिखाए रास्ते पर ही चलकर हम सफलता के शिखर तक पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, पूर्व मंत्री आशुतोष टंडन व महेंद्र सिंह, सांसद अशोक वाजपेयी, विधायक योगेश शुक्ला, विधान परिषद सदस्य अवनीश सिंह, मुकेश शर्मा, रामचंद्र प्रधान, पूर्व विधायक विद्यासागर गुप्ता समेत कई विशिष्ट लोग भी मौजूद। इससे पहले सुबह मुख्यमंत्री ने लोक भवन में स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
रामजी का नाम मेरे साथ जुड़ा इससे बड़ी बात नहीं: अरुण गोविल
रामायण में राम का किरदार निभाने वाले कलाकार अरुण गोविल भी कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने कहा कि राम जी का नाम मेरे साथ जुड़ा, इससे बड़ी बात कोई और नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि मैं आशीर्वाद देना नहीं, लेना जानता हूं। उन्होंने बताया कि पूरी रामायण खुद उन्होंने कोरोना काल में देखी। उन्होंने लोगों की मांग पर रामायण का एक डायलग भी सुनाया।
अटल के संपर्क में रहे लोग सम्मानित
कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के संपर्क में रहे वरिष्ठजनों का सम्मान भी हुआ। इनमें पूर्व महानगर अध्यक्ष भाजपा राजेंद्र तिवारी, सह प्रभारी प्रदेश कार्यालय भाजपा चौधरी लक्ष्मण सिंह, पूर्व पार्षद तिलकनगर वार्ड रंजीत धानुक, पूर्व उपाध्यक्ष नगर महिला मोर्चा भाजपा मंजू मिश्रा, वरिष्ठ कार्यकर्ता जनसंघ व भाजपा हरिश्याम रस्तोगी, डॉ. एके श्रीवास्तव, पूर्व पार्षद विनोद सिंघल, पूर्व संगठन मंत्री अवध क्षेत्र व प्रदेश के सभी मोर्चों के प्रभारी अशोक तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार वीरेश्वर द्विवेदी और पूर्व प्रशासनिक अधिकारी व रक्षा मंत्री के प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी शामिल थे।
प्रदर्शनी संग लघु नाटिका रही आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में लघु नृत्य नाटिका ‘विश्व स्वर अटल अमर’ का मंचन किया गया। इसके साथ ही अटल के जीवन पर आधारित चित्र प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। अटल के जीवन से जुड़ीं कई पुरानी तस्वीरें औऱ चित्रों को लोगों ने देखा।