मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विभिन्न राज्यों में कोविड के नए केस में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हालांकि उत्तर प्रदेश में पॉजिटिविटी दर न्यूनतम है। विगत दिवस 0.7 प्रतिशत पॉजिटिविटी दर दर्ज की गई। वर्तमान में कुल एक्टिव केस की संख्या 2804 है। 2608 लोग होम आइसोलेशन में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। विगत 24 घंटों में 74 हजार से अधिक टेस्ट किए गए और 491 नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई। इसी अवधि में 498 लोग उपचारित होकर कोरोना मुक्त भी हुए। बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर हमें सतर्क रहना होगा।
उन्होंने कहा कि बरसात के दिनों में प्रायः सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे मरीजों के त्वरित उपचार की व्यवस्था हो। सीएचसी और पीएचसी पर एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता रहे।
उन्होंने कहा कि लगभग दो वर्ष के अंतराल के बाद इस बार कांवड़ यात्रा हो रही है। बड़ी संख्या में लोग जलाभिषेक के लिए आवागमन कर रहे हैं। यह सुखद है कि कांवड़ यात्रा सुचारू रूप से चल रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कावंड़ यात्रा अब अंतिम चरण में है और अब पूर्वी उत्तर प्रदेश में श्रद्धालुओं का जत्था निकलेगा। इसके दृष्टिगत सभी जरूरी प्रबंध किए जाएं।
खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं नदियां, नजर रखें
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पलियाकलां क्षेत्र में शारदा नदी और बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। यहां की स्थिति पर 24×7 नजर रखी जाए। आपद स्थिति में आमजन की सुरक्षा, बचाव और राहत के लिए सभी प्रबंध कर लिए जाएं।
भारतीय मौसम विभाग, केन्द्रीय जल आयोग, केन्द्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण से सतत संवाद-संपर्क बनाए रखें। यहां से प्राप्त आकलन और अनुमान रिपोर्ट समय से फील्ड में तैनात अधिकारियों को उपलब्ध कराया जाए। भारत सरकार की एजेंसियों की मदद से आकाशीय बिजली के सटीक पूर्वानुमान की बेहतर प्रणाली के विकास के लिए प्रयास किया जाना चाहिए।
स्वाइन फ्लू रोकने के लिए कंटेनमेंट जोन सिस्टम लागू किया जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते कुछ दिनों में अफ्रीकन स्वाइन फ्लू संक्रमण से सुअर की मौत की घटनाएं सामने आई हैं। संक्रमण का प्रसार न हो, इसके लिए कंटेनमेंट ज़ोन की व्यवस्था लागू की जाए। संक्रमित सूअरों की अंतिम क्रिया मेडिकल प्रोटोकॉल का साथ हो। यह नदियों और जलाशयों में कतई न बहाये जाएं। इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी करें।
उन्होंने कहा कि सुअर पालन बहुत से लोगों के लिए आजीविका का माध्यम हैं। ऐसे में जिन सुअरपालकों के यहां अफ्रीकन स्वाइन फ्लू से मौत की घटना हुई है, उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करने के संबंध में सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए प्रस्ताव तैयार करें।