सीएम ने कहा कि हमारे पास मजबूत एमएसएमई बेस है, सुरक्षा का माहौल है और पर्याप्त लैंडबैंक है। ऐसे में यहां बड़े उद्योग के लिए बेहतर माहौल बन चुका है। इसकी झलक हमें यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए यूपी को प्राप्त हुए ₹40 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव में दिखता है। यही नहीं हाल ही में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के जरिए ₹10 लाख करोड़ के निवेश को हमने धरातल पर उतारा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास में योगदान देने के लिए डिस्ट्रिक्ट लेवल और स्टेट लेवल बैंकर्स की भी सराहना की।
मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को और अधिक मजबूती प्रदान करना होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस स्पीड से यूपी चल रहा है उसे थोड़ा और पुशअप कर दें तो आने वाले पांच साल में हमें 1 ट्रलियन डॉलर इकोनॉमी बनने में कोई रोक नहीं सकता। सीएम ने कहा कि हमें मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को और अधिक मजबूती प्रदान करना होगा। उन्होंने बताया कि पहले निवेश एनसीआर में होता था। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मेरठ और हापुड़ में निवेश होता था। अब यह काम उन्नाव, हरदोई, जैसे छोटे जिलों में बड़ी संख्या में निवेश हो रहे हैं। ये दिखाता है कि हमारे पास पहले भी पोटेंशियल था, मगर उसका उपयोग नहीं किया गया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार में एमएसएमई मंत्री राकेश सचान, मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र, आईआईडीसी मनोज कुमार सिंह, एसीएस अमित मोहन प्रसाद, सचिव प्रांजल यादव, आयुक्त एवं निदेशक राजेश कुमार सहित विभागीय अधिकारीगण, उद्यमी और हस्तशिल्पी कारीगर मौजूद रहे।
लाभार्थियों ने किया सीएम का शुक्रिया अदा
मुख्यमंत्री के हाथों ऋण प्राप्त करने वाले लखनऊ के हामिद अली अंसारी ने बताया कि उन्हें प्लास्टिक मैनेजमेंट के लिए ऋण मिला है। उन्होंने सीएम योगी का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी वजह से मुझे अपना बिजनेस बढ़ाने में मदद मिली है। वहीं बाराबंकी के मोहम्मद इज़हार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि मुझे कोल्ड स्टोर के लिए लोन बिना किसी परेशानी के मिला है। इसके लिए मुख्यमंत्री जी का शुक्रगुजार हूं। सीएम योगी के हाथों सिलाई मशीन टूलकिट प्राप्त करने वाली आशा कुमारी ने भी मुख्यमंत्री का विशेष आभार जताया। इसके अलावा सुल्तानपुर रोड के मनोज कुमार ने कहा कि बिना किसी को एक भी पैसा खिलाए उन्हें 47 लाख रुपए का ऋण मिला है। इसके लिए मुख्यमंत्री जी का बहुत बहुत आभार।