मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिलाया है कि अगले पांच साल में प्रदेश के हर घर को 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जाएगी। उन्होंने शनिवार को लोक भवन में बिजली महोत्सव एवं ऊर्जा दिवस के समापन पर 2723.20 करोड़ की लागत से 400 केवी, 220 केवी, 132 केवी व 33 केवी क्षमता के 17 ट्रांसमिशन एवं वितरण उपकेंद्रों का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार ने आगामी पांच वर्ष में प्रदेश को बिजली उत्पादन की दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्ययोजना बनाई है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बीते पांच वर्ष में प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में लंबी छलांग लगाई है। आजादी के बाद 2017 तक 1 लाख 21 हजार गांवों व मजरों तक कभी बिजली नहीं पहुंची थी। आज गांव-गांव और घर-घर बिजली पहुंची है। सौभाग्य योजना के माध्यम से 1.43 करोड़ परिवारों को नि:शुल्क कनेक्शन देते हुए हर घर बिजली से रोशन करने का काम किया है। अब सभी जिला मुख्यालयों पर 23-24 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 20-22 घंटे और गांवों में 18 से 20 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि 2017 में जब यह लक्ष्य रखा था तो कुछ लोग कहते थे, कि क्या यह उत्तर प्रदेश में संभव है? लेकिन सरकार ने यह संभव करके दिखाया है।
लोकतंत्र में भेदभाव नहीं होता... पहले 4 वीआईपी जिलों में ही बिजली आती थी
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में भेदभाव नहीं होता। सबका एक समान अधिकार होता है। वर्ष 2017 से पहले सिर्फ चार जिलों में बिजली आती थी। बाकी 71 जिले अंधेरे में डूबे रहते थे। अब सरकार के लिए हर गांव व जिला वीआईपी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सुंदरता इसी में है कि हर जरूरतमंद को उसकी अपेक्षाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधा मिल सके।
बिजली बिल और वसूली क्षमता बेहतर करने की चुनौती
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बिजली महोत्सव एवं ऊर्जा दिवस के समापन के मौके पर कहा कि बिजली विभाग और पॉवर कार्पोरेशन के सामने बिलिंग और राजस्व वसूली क्षमता को बढ़ाना बड़ी चुनौती है। इस दौरान उन्होंने 17 ट्रांसमिशन व वितरण उपकेंद्रों का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इनमें 220 केवी उपकेंद्र निरपुड़ा बागपत, 132 केवी उपकेंद्र मीरगंज बरेली, 220 केवी उपकेंद्र अजीजपुर शाहजहांपुर, 132 केवी उपकेंद्र बिलोचपुरा बागपत, 132 केवी उपकेंद्र मांधाता प्रतापगढ़, 400 केवी उपकेंद्र भौखरी, बस्ती, 220 केवी उपकेंद्र बबीना झांसी, 220 केवी उपकेंद्र मलवां फतेहपुर, 220 केवी उपकेंद्र अयोध्या, 400 केवी उपकेंद्र रसड़ा बलिया, 220 केवी उपकेंद्र दुल्हीपार संतकबीरनगर तथा 33/11 केवी उपकेन्द्र कैलहा चित्रकूट शामिल हैं। इसके अलावा जिन उपकेंद्रों का शिलान्यास किया गया है उनमें 132 केवी उपकेंद्र शोहरतगढ़ सिद्धार्थनगर तथा गौतमबुद्धनगर के 220 केवी उपकेंद्र जलपुरा, 220 केवी उपकेंद्र नॉलेज पार्क-5, 132 केवी उपकेंद्र ईकोटेक-8 तथा 132 केवी उपकेंद्र ईकोटेक-10 शामिल हैं।
अब हम पड़ोसी देशों को निर्यात कर रहे बिजली: ऊर्जा मंत्री
ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि पिछले छह दिन से ऊर्जा महोत्सव मनाया जा रहा है। आज महोत्सव के समापन का दिन है। विकास में ऊर्जा बड़ा कारक रही है। देश में पानी, बिजली और सड़क राजनीतिक मुद्दा बनता है। देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए ऊर्जा का विकास, बिजली की निर्बाध आपूर्ति आवश्यक है। पहले देश बिजली की कमी के लिए जाना जाता था और 5 से 10 प्रतिशत की कमी बनी रहती थी। अब हम पड़ोसी देशों को बिजली निर्यात कर रहे हैं। सौभाग्य योजना के तहत यूपी को 1.43 करोड़ कनेक्शन दिए गए हैं। बिजली महोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी के अलावा, ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा, राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर, अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी और पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष एम देवराज सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।