सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नकल माफिया समाज के सबसे बड़े दुश्मन हैं। हमने उनकी कमर तोड़ दी। आप उनका सामाजिक बहिष्कार करें। ये विद्यार्थियों की मेहनत पर डकैती डालते हैं। शिक्षा केवल डिग्री लेना नहीं, बल्कि संपूर्ण व्यक्तित्व के निर्माण का माध्यम भी है। सीएम लोक भवन में आयोजित मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह-2023 में मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को विभिन्न बोर्ड के कक्षा 10 और 12 के मेधावी छात्र छात्राओं को सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कहा कि 6 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षाओं में नकल के लिए बदनाम था। पूरा साल परीक्षा और परिणाम में ही निकलता था। सरकार बनते ही मैंने लक्ष्य दिया कि एक माह में परीक्षा और परिणाम दोनों आने चाहिए। इस पर 15 दिन के भीतर परीक्षा हुई और 14 दिन के भीतर परिणाम घोषित किया गया। पारदर्शिता से परीक्षा कराई गई। यही रिफार्म है। अब सत्र समय से चलेगा। हमने सामान्य प्रश्न पत्र बनवाया। ऐसा नहीं कि उसे शिक्षक भी हल न कर सकें। नकल पर छात्रों की बजाय कालेज प्रबंधकों, अधिकारियों पर कार्रवाई की। एक डीआईओएस को जेल में डालना पड़ा। इसका परिणाम रहा कि मेहनती छात्रों की मेहनत रंग लाई।
उन्होंने कहा हमने 1,62,000 शिक्षकों की नियुक्ति की। कहा कि जब तक शिक्षक रखे जाएं संविदा वाले शिक्षकों को न हटाया जाए। 132000 प्राथमिक विद्यालय ऑपरेशन कायाकल्प में बदले। यही जन सहभागिता माध्यमिक शिक्षा विभाग भी कराए। पुरातन छात्रों के सम्मेलन के माध्यम से जन सहभागिता की जाए। मातृभूमि योजना की तरह यहां भी प्रयोग हो। कोई लाइब्रेरी बनवा सकता है तो कोई स्मार्ट क्लास। हम दो करोड़ युवाओं को टेबलेट दे रहे हैं, ताकि ये तकनीक से जुड़ सकें। उन्हें सरकार की योजनाओं का पता चले। इस बार अभ्युदय कोचिंग में 23 बच्चे आईएएस में 98 बच्चे पीसीएस में चुने गए। हमने भेदभाव नहीं किया। यूपी बोर्ड के साथ-साथ सभी बोर्ड के बच्चों को पुरस्कृत किया है, क्योंकि यूपी में पढ़ने वाला हर बोर्ड का बच्चा उत्तर प्रदेश की प्रतिभा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति एक नया अवसर है उसका लाभ सभी को उठाना चाहिए। सभी बोर्ड अपने आप को तैयार करें और प्रतियोगिताओं के लिए बच्चों को मार्गदर्शन दें। बच्चों को प्रधानमंत्री की लिखी पुस्तक एग्जाम वॉरियर बांटे ताकि सभी को उसका लाभ मिल सके। इस मौके पर माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र आदि मौजूद थे।
इन्हें किया सम्मानित
सीएम ने राज्य स्तरीय 141 मेधावी विद्यार्थियों में माध्यमिक शिक्षा परिषद उप्र की हाईस्कूल से कु. प्रियांशी सोनी लखनऊ, इंटमीडिएट से शुभ चपरा, माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद लखनऊ की पूर्व मध्यमा से आदित्य आजमगढ़, उत्तर मध्यमा से इरफान चंदौली, केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद हाईस्कूल से रचित जैन गौतबुद्धनगर,अरिहंत कपकोटि गाजियाबाद, कु० कोषा शर्मा मुरादाबाद, इंटरमीडिएट से कु. राधिका सिंघल मेरठ तथा काउंसिल फार दि इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन, हाईस्कूल से कु. अविषि सिंह आगरा, इंटरमीडिएट से मोहम्मद आर्यन तारिक लखनऊ सहित अन्य 131 मेधावी विद्यार्थियों को एक-एक लाख रुपये, एक टैबलेट, प्रशस्ति पत्र, मैडल तथा उनके माता एवं पिता को शॉल एवं पगड़ी से सम्मानित किया। इस मौके पर प्रदेश भर में कुल 1745 विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। जिलों में भी इस कार्यक्रम का आयोजन हुआ जो वर्चुअली यहां से जुड़े।