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UP News: गोरक्षा व गो-आश्रय आत्मनिर्भरता में योगदान देने वाले लोग होंगे सम्मानित, सीएम बोले- सब जगह CCTV लगाएं

Sat, 21 Mar 2026 09:23 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

समीक्षा बैठक में सीएम ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गोशाला का अपना 'भूसा बैंक' हो। हरे चारे के लिए किसानों से समन्वय बनाएं। गोसेवा आयोग के पदाधिकारी भ्रमण करके निरीक्षण करें। विभागीय मंत्री और अधिकारी भी फील्ड में उतरें। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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सीएम योगी ने सरकारी आवास पर गो संरक्षण को लेकर बैठक - फोटो : सूचना विभाग
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विस्तार
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राजधानी लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ अपने सरकारी आवास पर गो संरक्षण को लेकर बैठक की। इसमें पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव समेत वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। इसके अलावा गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी मौजूद रहे। बैठक में गौ संरक्षण से जुड़ी योजनाओं और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। 

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बैठक में सीएम ने गो-रक्षा एवं गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि गोसेवा भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न अंग है। इस क्षेत्र में समर्पित लोगों का सार्वजनिक सम्मान किया जाना चाहिए।

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किसानों को गो-आश्रय स्थलों से जोड़ें- सीएम

निराश्रित गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए सीएम ने प्रत्येक गोशाला में 'भूसा बैंक' की स्थापना पर जोर दिया। साथ ही स्थानीय किसानों से समन्वय करके हरे चारे की उपलब्धता और प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों को गो-आश्रय स्थलों से जोड़ने के निर्देश दिए। 

सीएम ने सभी गो-आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी लगातार मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। गोसेवा आयोग के पदाधिकारियों को दो-दो के समूह में मंडलवार भ्रमण करके 'भूसा बैंक' की स्थापना और गोचर भूमि के विस्तार कार्य को गति देने को कहा। हर भ्रमण की रिपोर्ट भी भेजने को कहा। 

ये हैं आंकड़े

बैठक में बताया गया कि यूपी में वर्तमान में 7,527 गो-आश्रय स्थलों में 12.39 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। इनमें 6,433 अस्थायी स्थलों में 9.89 लाख, 518 वृहद गो-संरक्षण केंद्रों में 1.58 लाख, 323 कान्हा गो-आश्रयों में 77,925 तथा 253 कांजी हाउस में 13,576 गोवंश संरक्षित हैं। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1.14 लाख लाभार्थियों को 1.83 लाख गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। उनका सत्यापन और भरण-पोषण के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है। निगरानी व्यवस्था के तहत 74 जनपदों में 5,446 गो-आश्रय स्थलों पर 7,592 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं। 52 जनपदों में कमांड एंड कंट्रोल रूम स्थापित हैं। जबकि, शेष में प्रक्रिया प्रगति पर है।
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प्रदेश में 97 गोबर गैस संयंत्र संचालित

गोचर भूमि के प्रभावी उपयोग के लिए 61,118 हेक्टेयर से अधिक भूमि उपलब्ध है। इसमें से 10,641.99 हेक्टेयर को गो-आश्रय स्थलों से जोड़ा गया है। 7,364.03 हेक्टेयर में हरे चारे का विकास किया जा चुका है।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 97 गोबर गैस संयंत्र संचालित हैं, जो स्वच्छ ऊर्जा एवं आय सृजन का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। सीएम ने विभिन्न जनपदों में स्वयं सहायता समूहों एवं एनजीओ द्वारा गो-पेंट, वर्मी कम्पोस्ट, गो-दीप सहित अन्य उत्पादों के निर्माण को आत्मनिर्भरता का सफल मॉडल बताया। मुजफ्फरनगर का गो-अभयारण्य इस दिशा में एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में उभर रहा है।
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