सीएम योगी आदित्यनाथ, समाजवादी पेंशन योजना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश सरकार की समाजवादी पेंशन योजना पर रोक लगा दी है। इस योजना के तहत चयनित लाभार्थियों की न सिर्फ जांच कराई जाएगी, बल्कि योजना का नाम भी बदलकर ‘मुख्यमंत्री पेंशन योजना’ करने के निर्देश दिए गए हैं। इतना ही नहीं जल्द ही विधवा, दिव्यांग और वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर एक हजार रुपये प्रति माह करने के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव भी लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को शास्त्री भवन में समाज कल्याण विभाग की योजनाओं का पॉवर प्रजेंटेशन देखा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विधवा, दिव्यांगजन और वृद्धावस्था पेंशन के तहत दी जाने वाली 500 रुपये प्रतिमाह की धनराशि को दोगुना करने के लिए प्रस्ताव कैबिनेट में लाए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने अखिलेश सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई समाजवादी पेंशन योजना को रोकते हुए इसके तहत चयनित लाभार्थियों की पात्रता की जांच के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जांच करके यह पता लगाया जाए कि जिन लोगों को इस योजना का लाभ मिल रहा है, वे वास्तव में इसके पात्र हैं या नहीं। इस जांच को एक महीने में पूरा करने के निर्देश दिए। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री पेंशन योजना करने का प्रस्ताव प्रजेंटेशन के दौरान दिया गया। इस योजना के के दायरे में अति दलित जैसे-मुसहर, नट, कंजड़ और बनटांगियां समुदाय के व्यक्तियों को लाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए। साथ ही पेंशन दिवस मनाने के प्रस्ताव पर विचार करने पर सहमति जताई।
प्रदेश में शुरू होगी कन्यादान योजना
गर्ल चाइल्ड
प्रदेश में शुरू होगी कन्यादान योजना
योगी ने ‘अनुसूचित जाति की पुत्रियों की शादी हेतु अनुदान योजना’ को सामूहिक विवाह योजना के रूप में लागू किए जाने की संभावनाओं पर विचार करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि इससे गरीब लड़कियों का दहेजरहित विवाह हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना का नाम कन्यादान योजना रखा जाए।
केंद्रीय योजनाएं से जुड़ेंगी राज्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने सभी योजनाओं को भारत सरकार की योजनाओं से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि इससे केंद्र सरकार से धन मिलने में आसानी होगी। इन्हें लागू करने में धन की कमी भी आड़े नहीं आएगी।
छात्रवृत्ति नियमावली में होगा संशोधन
अनुसूचित व सामान्य जाति के विद्यार्थियों के लिए लागू पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना की कमियों को दूर करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसमें मौजूद गड़बड़ियों को तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने इस योजना के तहत विमुक्त जातियों-भर और कोरी आदि को लाभांवित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने अनुसूचित जाति और सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए लागू दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना की मौजूदा नियमावली में संशोधन करने के निर्देश भी दिए। वर्ष 2017-18 के लिए छात्रवृत्ति मास्टर डाटा को अपडेट करने के भी निर्देश दिए। योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अत्याचार उत्पीड़न के तहत दी जाने वाली आर्थिक सहायता देने से पहले यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि इसका दुरुपयोग न होने पाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित की मदद चार्जशीट के बाद समयबद्ध ढंग से की जाए।
जनजातियों के लिए बनेगी विशेष कल्याण योजना
सीएम योगी आदित्यनाथ
जनजातियों के लिए बनेगी विशेष कल्याण योजना
मुख्यमंत्री ने राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्रों और छात्रावासों के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यहां की कार्य प्रणाली की जांच अच्छी तरह से की जाए। छात्रावासों के संचालन की स्थिति का भौतिक सत्यापन करने के भी निर्देश दिए। योगी ने थारू जनजाति और सोनभद्र समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में अनुसूचित जनजातियों के संबंध में एक विशेष कल्याण योजना बनाने के निर्देश भी दिए। कहा कि इनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की विशेष व्यवस्था की जाए।
सामाजिक आयोग के गठन पर भी सहमति
मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग की ओर से प्रस्तावित ‘उत्तर प्रदेश सामाजिक आयोग’ के गठन पर विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा दिए जाने वाले कल्याण कार्ड में समाज कल्याण विभाग की सुविधाओं के संबंध में कहा कि इसे बीपीएल कार्ड से जोड़ते हुए इसका लाभ दिया जाएगा। योगी ने 100 दिन के लिए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्धता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए। वृद्धाश्रमों की व्यवस्था ठीक करने पर भी विशेष जोर दिया। कहा, जहां पर परिवार मौजूद है, वहां मां-बाप को पेंशन योजना के दायरे में लाया जाए, ताकि वे अपने परिवार के साथ ही रह सकें। उन्होंने कहा कि बेसहारा बुजुर्गों को वृद्धाश्रम में रखा जाए और उनका सत्यापन भी किया जाए। उन्होंने मठ और मंदिरों में रहकर संस्कृत सीखने वाले विद्यार्थियों के लिए भी व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
जनजातियों की दिक्कतों पर हर जिले से मंगाई जाएगी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं विकास निगम के तहत संचालित योजनाओं को केंद्र से लिंक करने के निर्देश भी दिए। कहा कि इसके तहत योजना बनाते समय सभी मापदंडों का ध्यान रखा जाए। सैनिक कल्याण के तहत पूर्व सैनिकों की हर माह बैठक करने के लिए भी कहा। मद्यनिषेध को लेकर भी जरूरी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जनजातियों को सर्टिफिकेट लेने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि जनजातियों का श्रेणीकरण ठीक से किया जाए। उन्होंने जनजातियों के संबंध में हर जिले से रिपोर्ट मंगाकर उनका समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समेत मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सहयोगी मौजूद रहे।