केंद्रीय पशुधन, मत्स्य एवं डेयरी मंत्रालय के मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने कहा कि पशुओं के स्वास्थ्य के लिए शुरू की गई मोबाइल वेटरनरी यूनिट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का महत्वपूर्ण निर्णय है। उन्होंने कहा कि हमारा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। इस दौरान देश ने कई मानक स्थापित किए हैं। इस बीच अबोध पशुओं की वेदना को सुनना अपने आप में बहुत अहम है। यह योजना पशुओं की वेदना को समझने और दूर करने के लिए है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य है जहां सभी जनपदों में अगर कोई योजना लागू हो जाती है तो ऐसा प्रतीत होता है कि पूरे देश में लागू हो गई है। दुग्ध उत्पादन में उत्तर प्रदेश नंबर वन है इसलिए भारत दुनिया में दुग्ध उत्पादन में नंबर एक पर है। केन्द्रीय मंत्री ने प्रदेश के पशुपालकों को बधाई देते हुए कहा कि आपके परिश्रम से भारत का मान दुनिया में बढ़ा है। उन्होंने कहा कि लंपी स्किन डिजीज को नियंत्रित करने में यूपी ने जिस तरह से काम किया है उससे देश के अन्य राज्यों को प्रेरणा मिलती है। पूरे देश में तेजी से बढ़ रहे लंपी वायरस को यूपी में योगी सरकार ने रोककर दिखाया और विजय हासिल की।
योजना का कैसे मिलेगा लाभ
प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि पशु उपचार, पशुपालक के द्वार योजना भारत सरकार के सहयोग से संचालित हो रही है। सरकार द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही इस योजना में पशुपालकों से केवल उनके पशुओं के पंजीकरण का शुल्क लिया जाएगा। टोल फ्री नंबर पर कॉल के एक घंटे के अंदर ही मोबाइल वेटरनरी यूनिट पशुपालक के द्वार पर होगी। योजना के लिए प्रदेश को पांच जोन (लखनऊ, वाराणसी, गोरखगुर आगरा और मेरठ) में बांटा गया है, जिन्हें पांच ऑपरेटर संचालित करेंगे।
जनपदों में सभी मोबाइल वेटरनरी यूनिट हाइब्रिड मॉडल पर संचालित होंगी जो देश में अपने तरह का अनूठा मॉडल है। जनपद में 50 प्रतिशत वाहन निर्धारित रूट पर चलेंगे, जबकि 50 प्रतिशत वाहन इमरजेंसी सेवाओं के लिए टोल फ्री नंबर 1962 के माध्यम से संचालित होंगे। इमरजेंसी सेवाएं प्रातः 10 बजे से आठ बजे तक संचालित होंगी। वहीं निर्धारित रूट पर संचालित होने वाली वैन प्रातः आठ बजे से दोपहर दो बजे तक कार्य करेंगी। निदेशालय में स्थापित एकीकृत कंट्रोल एवं कमांड सेंटर द्वारा सभी मोबाइल वेटरनरी यूनिट की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी।