सीएम ने कहा कि आम आदमी जब घर से बाहर निकलता है, तो सबसे पहले उसका वास्ता हमारे बसों और बस अड्डों से पड़ता है और फिर वह उन साधनों का प्रयोग करके अपने गंतव्य तक पहुंचता है। हमें तेजी से बस स्टेशन को हाई क्लास स्टेशन के रूप में बदलना होगा। परिवहन निगम की बसें या अनुबंधित बसें प्रदेश के करीब एक लाख 10 हजार से अधिक राजस्व गांवों को जोड़ने का लक्ष्य है।
एयरपोर्ट की तर्ज पर बस अड्डे
सीएम ने कहा कि अगर भारत के एयरपोर्ट विश्व स्तरीय बन सकते हैं तो हम अपने बस अड्डों को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित क्यों नहीं कर सकते। हर जिले में जितने भी इंटर स्टेट हो या इंटर डिस्ट्रिक्ट बस स्टेशन अच्छे दिखने चाहिए। अच्छी सुविधाओं से संपन्न होने चाहिए। कोई व्यक्ति बस स्टेशन आए, तो उसे बैठने की सुविधा भी मिले, प्रसाधन भी मिले, रेस्टोरेंट भी मिले, अगर उसे कुछ समय के लिए आराम की आवश्यकता पड़ती है, तो वहां ड्रामेट्री, रेस्टोरेंट और होटल की व्यवस्था हो और परिवहन निगम की पार्किंग में ही हो, सड़कों पर न हो।
इनका हुआ लोकार्पण और शिलान्यास
- जनपद झांसी, बरेली और अलीगढ़ में ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड टेस्टिंग इंस्टीट्यूट (डीटीटीआई) का लोकार्पण
-150 नई बीएस-6 डीजल बसों का लोकार्पण
- ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक (एडीटीटी), बरेली का लोकार्पण
- सारथी हॉल, फिरोजाबाद का लोकार्पण
- अलीगंज बस अड्डा (एटा), गाजीपुर बस अड्डा (गाजीपुर), नौझील बस अड्डा और जयसिंहपुरा-मथुरा बस अड्डा (मथुरा), कांठ बस अड्डा (मुरादाबाद), हैदरगढ़ बस अड्डा (बाराबंकी) और सिग्नेचर ग्रीन सिटी बस अड्डा (कानपुर) का लोकार्पण
- बरेली बस अड्डा (बरेली) और गिलौला बस अड्डा (श्रावस्ती) का शिलान्यास