उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सवाल उठाया कि जब पुलिस के काम में किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है तो नतीजे क्यों नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों से अपराध की तुलना नहीं की जानी चाहिए। अपराध हर हाल में कम होने चाहिए। एक लापरवाही पूरे महकमे और सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर देती है।
पुलिस सप्ताह के तहत शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन में कानून व्यवस्था और अपराध पर चर्चा करते हुए योगी ने कहा कि पुलिस को छवि भी सुधारने की जरूरत है। खराब छवि और अपराधियों से साठगांठ रखने वाले इंस्पेक्टर को थाने की जिम्मेदारी नहीं दें। जहां बार-बार घटनाएं हो रही हैं उन पर भी कार्रवाई करें। आपने कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने का काम किया है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छा काम करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित करना चाहिए। दूसरे राज्य की पुलिस के काम को अपना बताकर प्रचारित करने से भी बचें। इससे आपकी ही फजीहत होगी। उन्होंने कहा, वह गोरखपुर जाते हैं तो पहले दिन 500-700 लोग शिकायत लेकर आते हैं। दूसरे दिन संख्या 50 से 60 रह जाती है। बीते पौने दो साल में उन्होंने 72 लाख शिकायतों का समाधान किया है। एक थाने पर दिन में बमुश्किल चार से छह समस्याएं आती होंगी, जिसका समाधान थाने के स्तर पर भी हो सकता है। इससे लोगों को पुलिस का संवेदनशील चेहरा दिखेगा।