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पुलिस को काम की आजादी तो क्यों नहीं मिल रहे नतीजे: योगी

Sat, 29 Dec 2018 04:11 AM IST
vivek shukla ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सवाल उठाया कि जब पुलिस के काम में किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है तो नतीजे क्यों नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों से अपराध की तुलना नहीं की जानी चाहिए। अपराध हर हाल में कम होने चाहिए। एक लापरवाही पूरे महकमे और सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर देती है। 

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पुलिस सप्ताह के तहत शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन में कानून व्यवस्था और अपराध पर चर्चा करते हुए योगी ने कहा कि पुलिस को छवि भी सुधारने की जरूरत है। खराब छवि और अपराधियों से साठगांठ रखने वाले इंस्पेक्टर को थाने की जिम्मेदारी नहीं दें। जहां बार-बार घटनाएं हो रही हैं उन पर भी कार्रवाई करें। आपने कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने का काम किया है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छा काम करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित करना चाहिए। दूसरे राज्य की पुलिस के काम को अपना बताकर प्रचारित करने से भी बचें। इससे आपकी ही फजीहत होगी। उन्होंने कहा, वह गोरखपुर जाते हैं तो पहले दिन 500-700 लोग शिकायत लेकर आते हैं। दूसरे दिन संख्या 50 से 60 रह जाती है। बीते पौने दो साल में उन्होंने 72 लाख शिकायतों का समाधान किया है। एक थाने पर दिन में बमुश्किल चार से छह समस्याएं आती होंगी, जिसका समाधान थाने के स्तर पर भी हो सकता है। इससे लोगों को पुलिस का संवेदनशील चेहरा दिखेगा।   

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आम नागरिक को बनाएं विश्वास पात्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी जब संकट में फंसता है तो उसे सबसे पहले पुलिस याद आती है। फिर भी उसे पुलिस पर विश्वास नहीं रहता। इसका कारण पता करना चाहिए। अगर आम नागरिक को आप अपना विश्वास पात्र बनाएंगे तो तमाम गतिविधियों की जानकारी आप तक आएगी। बेहतर संवाद से ही आपराधिक गतिविधियों को कम किया जा सकता है।

एंटी रोमियो स्क्वाड की निष्क्रियता पर नाराजगी
सीएम ने कहा कि एंटी रोमियो स्क्वाड केवल तात्कालिक परिस्थिति के लिए नहीं था। ये निरंतर चलने वाली पुलिसिंग का हिस्सा है। यह स्क्वायड अगर ढंग से काम करे तो महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर असर पड़ेगा।
 
रिपोर्ट लीक होने पर जताई नाराजगी
योगी ने रिपोर्ट लीक होने के मामलों में नाराजगी जताते हुए कहा कि कई बार रिपोर्ट पूरी नहीं होती और मीडिया को मिल जाती है। ऐसा नहीं होना चाहिए। मीडिया को सही तथ्य दीजिए। फिर भी अगर कोई गलत तथ्य दिखाता है तो नोटिस देकर उसका आधार पूछिए।

सीएम की पाठशाला
सीएम ने बहराइच की एक घटना का जिक्र किया, जिसमें एक व्यक्ति ने 20 साल पहले ब्याज पर 20 हजार रुपये लिए थे। दो लाख चुकाने के बाद भी उसके 20 हजार बाकी थे। दूसरे पक्ष ने उसके मकान पर कब्जा कर लिया था। अधिकारियों को निर्देश देने के बाद उसका मकान और रुपये वापस मिले। अगर थानाध्यक्ष अपने स्तर पर बोलते कि ब्याज पर पैसा देना गलत है, मूल राशि से कई गुना देने के बाद भी कर्ज बाकी है। तुमने मकान पर भी कब्जा कर लिया है। तुम्हें माफिया घोषित कर कार्रवाई करेंगे तो उसके बाद किसी की हिम्मत नहीं होती।  
 
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