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बयानबाजी भरा दिन: योगी ने फिर कही एक रहने की बात, मायावाती ने संविधान तो अखिलेश 'विरासत गलियारे' को लेकर बरसे

Sat, 28 Jun 2025 08:44 PM IST
श्याम जी. न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

उत्तर प्रदेश में शनिवार का दिन बयानबाजी भरा रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जातिगत विभाजन पैदा करने वालों पर जमकर निशाना साधा तो अखिलेश यादव विरासत गलियारे को लेकर बरसे। वहीं, मायावती ने संविधान को लेकर कांग्रेस और भाजपा को निशाने पर लिया। 
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अखिलेश यादव, सीएम योगी और मायावती - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दानवीर भामाशाह जयंती और व्यापारी कल्याण दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को लोकभवन में समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जातिगत विभाजन पैदा करने वालों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'जाति के नाम पर समाज को बांटने वाले वही लोग हैं, जिन्होंने सत्ता में रहते हुए माफियाओं के सामने नाक रगड़ी और सरकार को गिरवी रख दिया था।'

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सीएम योगी ने कहा, 'ये लोग पहले नौकरी के नाम पर वसूली करते थे, अब जाति के नाम पर बांटने का काम कर रहे हैं। इसीलिए मैं कहता हूं कि बंटोगे तो कटोगे, एक रहोगे तो नेक रहोगे।' इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सबसे ज्यादा राजस्व कर देने वाले व्यापारियों को भामाशाह सम्मान से सम्मानित किया।

व्यापारी और बेटी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों का टिकट यमराज काटेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2016 में लखनऊ में व्यापारी की निर्मम हत्या हुई। सुल्तानपुर में सराफा व्यवसायी को गोली मारी गई। उस समय की सरकार लुटेरों को संरक्षण दे रही थी। हमारी सरकार ने व्यापारी और बेटी की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों का टिकट यमराज काटेंगे। जब बदमाशों का हिसाब हुआ, तब जाति के नाम पर बांटने वाले घड़ियाली आंसू बहाने लगे। जाति के नाम पर बांटने वालों ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ की तर्ज पर ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ का मॉडल चलाया।
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हर वर्ष प्रत्येक जनपद में आयोजित होगा व्यापारी कल्याण दिवस
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हर वर्ष प्रदेश के शीर्ष 10 जीएसटी देने वाले व्यापारियों को लखनऊ और प्रत्येक जनपद के शीर्ष 10 व्यापारियों को स्थानीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। दुर्घटना का शिकार होने वाले पंजीकृत व्यापारियों को 10 लाख रुपये की सहायता भी इस दिन दी जाएगी।

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'विरासत गलियारा की जगह हिरासत गलियारा बनवाना पड़ेगा'
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सपा मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सीएम ने गोरखपुर के लिए सबसे पहली घोषणा झांसी से की थी। उन्होंने कहा था कि झांसी और गोरखपुर में मेट्रो बनाएंगे। सरकार के नौ साल होने जा रहे हैं न तो झांसी में मेट्रो में बनी, न ही गोरखपुर में। आज गोरखपुर में गोरखधंधा चल रहा है। यदि गोरखपुर वालों ने अपने मुंह खोल दिए तो वहां पर विरासत गलियारा की जगह हिरासत गलियारा बनवाना पड़ेगा।

बाजार कीमत के हिसाब से दें मुआवजा
गोरखपुर में जमीन मकान का मुआवजा आपसी सहमति से नहीं, बल्कि बाजार की कीमत के हिसाब से देना चाहिए। सरकार पुलिस को आगे करके, डरा धमकाकर व्यापारियों और स्थानीय लोगों से जबरदस्ती सहमति पत्र जारी करा रही है। सीएम योगी को निशाने पर लेते हुए कहा कि जब उनकी खुद की जमीन का मामला था तो सर्वाधिक संभव मुआवजा लिया। जमीन देने की बात कहकर वाहवाही भी लूटी।  

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सेकुलरिज्म व सोशलिस्ट का विरोध कर रहे
अखिलेश ने आगे कहा कि गोरखपुर के डीएम व एसएसपी पर अभी कार्रवाई नहीं हुई तो सपा सरकार बनने पर इन अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। जो लोग आरक्षण के विरोधी हैं, वह सोशलिस्ट व सेकुलरिज्म का विरोध कर रहे हैं। भाजपा ने अपनी स्थापना के वक्त तय किया था कि सोशलिज्म व सेकुलरिज्म के रास्ते पर चलेगी। अब यह लोग इसका विरोध कर रहे हैं। यह लोग नफरत फैला कर राजनीति करते हैं। यह सीधे संविधान के खिलाफ नहीं बोल सकते, इसलिए सेकुलरिज्म व सोशलिस्ट का विरोध कर रहे हैं।

'संविधान में समय-समय पर गैरजरूरी परिवर्तन किए गए'
बसपा सुप्रीमो मायावती ने पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने संविधान पर छिड़ी बहस को लेकर भाजपा और कांग्रेस को चेताया। कहा कि ऐसा लगता है कि बसपा को इन पार्टियों के खिलाफ अपनी आवाज देशभर में उठानी पड़ेगी। मायावती ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने पूरा जीवन लगाकर देश को एक मानवतावादी संविधान दिया है, लेकिन पहले कांग्रेस पार्टी और अब भाजपा सरकार ने इस पर कभी भी पूरी निष्ठा से अमल नहीं किया। दोनों ही पार्टियों तथा इनके समर्थकों ने ज्यादातर अपनी-अपनी पार्टी की विचारधारा पर जोर दिया। संविधान में समय-समय पर गैरजरूरी परिवर्तन किए गए। 

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