सीएम योगी ने कहा कि 2047 तक भारत विकसित व आत्मनिर्भर हो, इसमें केवल भारत सरकार ही नहीं, बल्कि राज्य सरकारों की भी भूमिका है। उन्होंने कहा कि साढ़े आठ वर्षों में हमारे प्रति धारणा बदली है। यदि यूपी में ऐसे ही दंगे, गुंडागर्दी, अराजकता, कर्फ्यू रहता तो हमारे बारे में भी धारणाएं नहीं बदलतीं। धारणा बदलने के लिए हमने प्रयास किया। हर व्यक्ति को कानून के दायरे का अहसास कराया, इसलिए अब हर व्यक्ति मानता है कि यूपी में परिवर्तन हुआ है। सुरक्षा नहीं होती तो इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत नहीं होता। देश का 55 फीसदी एक्सप्रेसवे यूपी में है, यह सभी पिछले साढ़े 8 वर्ष में तैयार किए गए हैं। यूपी में एयर क्नेक्टिविटी का सबसे बड़ा नेटवर्क है। अगले महीने देश के सबसे बड़ा एयरपोर्ट का शुभारंभ भी होगा। यूपी में 16 हजार किमी. का रेल नेटवर्क है। सर्वाधिक शहरों में मेट्रो का संचालन हो रहा है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा यूपी के पास है। देश की पहली रैपिड रेल व वाटरवे यूपी में संचालित हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने दिया था ‘स्मार्ट पुलिस’ का विजन
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री ने यूपी में हुए डीजीपी व आईजी कॉन्फ्रेंस में ‘स्मार्ट पुलिस’ का विजन दिया था। यह मंत्र था- स्टिक एंड सेंसेटिव, मॉडर्न एंड मोबाइल, अलर्ट एंड अकाउंटेबल, रिलायबल व रिस्पांसिव, टेक्नोसेवी एंड ट्रेंड। यह सूत्र कानून परिवर्तन के लिए भविष्य की चुनौतियों को लेकर मार्गदर्शन करता है। अधिकारियों को इन मंत्रों को जीवन का हिस्सा बनाना पड़ेगा।
‘जनता दर्शन’ से मुझे पता चलती है जमीनी हकीकत
सीएम ने थाना प्रबंधन के सत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यह हमारी नींव है। आमजन के प्रति हमारा व्यवहार केवल संवेदनशीलता को ही प्रदर्शित नहीं करता, बल्कि ह्यूमन इंटेलिजेंस का भी माध्यम बनता है। मेरे पास जो भी सूचना आती है, अधिकांश की हकीकत ह्यूमन इंटेलिजेंस से ही पता चलती है। ‘जनता दर्शन’ में मैं इसलिए ही नियमित रूप से जाता हूं। फरियादी सिर्फ शिकायत नहीं करता, बल्कि उसके प्रार्थना पत्र और पीड़ा को देख जमीनी हकीकत का पता चलता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज प्रदेश में कानून व्यवस्था केवल नियंत्रण का विषय नहीं, बल्कि विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से आह्वान किया कि बदलती चुनौतियों के अनुरूप खुद को निरंतर अपडेट रखें और समय रहते निर्णय लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष जुलाई से लागू भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य संहिता न्याय आधारित व्यवस्था की नींव हैं। इन कानूनों के प्रति हर पुलिसकर्मी को जागरूक होना होगा और समाज के हर वर्ग तक इसकी जानकारी पहुंचानी होगी।
पुलिस ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले जर्जर बैरकों में जवान रहने को मजबूर थे, लेकिन अब कई जिलों में हाईराइज पुलिस भवन बन चुके हैं। वर्षों से लंबित पुलिस लाइनों का निर्माण कराया गया है और संसाधनों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। हमने वह समय भी देखा है, जब जर्जर खपरैल और एसबेस्टस के नीचे जवानों को रहने के लिए मजबूर होना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले 10 जनपद ऐसे थे, जहां पर दो-तीन दशक से पुलिस लाइन नहीं बन पाई थी। हम लोगों ने वहां पर सुविधाएं बढ़ाई। पीएसी की जिन कंपनियों को समाप्त किया गया था, उनका पुनर्गठन और महिला वाहिनियों का गठन किया गया।
महिला सशक्तिकरण और तकनीकी मजबूती
महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है। महिला वाहिनियों का गठन, मिशन शक्ति, साइबर मुख्यालय, मॉडल थाने और आधुनिक संसाधनों से पुलिस को और सक्षम बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस मंथन केवल चर्चा का मंच नहीं, बल्कि नीति निर्माण और क्रियान्वयन का आधार है। हर सुझाव पर फॉलोअप, हर चुनौती पर रणनीति और हर निर्णय का मूल्यांकन जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस मंच को हर वर्ष आयोजित कर इसे स्थायी व्यवस्था बनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली चुनौतियां केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ी नहीं होंगी, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, साइबर अपराध और सामाजिक स्थिरता से भी जुड़ी होंगी। ऐसे में समय, तकनीक और रणनीति तीनों पर समान ध्यान देना होगा। सीएम ने कहा कि स्मार्ट पुलिसिंग और ‘विजन 2047 विकसित-आत्मनिर्भर भारत’ के लिए कैसी पुलिस चाहिए, उस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए दो दिन में रोडमैप तैयार किया गया। 11 सत्रों में 55 वक्ताओं का विचार भावी कार्ययोजना व रणनीति का महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होने वाला है। पुलिस मंथन अलग-अलग क्षेत्र में नवाचार, समसामयिक चुनौतियों से जूझने व उसकी रणनीति तैयार करने पर आधारित था। सीएम ने यूपी पुलिस की समयबद्धता की भी तारीफ की। सीएम ने प्रस्तुतिकरण के आधार बीट पुलिसिंग की चर्चा की।
मिशन शक्ति के सफलतम रिजल्ट की भी किया जिक्र
उन्होंने 2020 में प्रारंभ हुए मिशन शक्ति के सफलतम रिजल्ट का जिक्र किया। इसके पांचवें संस्करण की सफलता, महिला व बाल सुरक्षा, मानव तस्करी से जुड़ी चुनौतियों से जुड़े सत्र की भी बात हुई। सीएम ने कहा कि मिशन शक्ति से जुड़ी जो महिला बीट अधिकारी हैं, उनका भी ध्यान देना होगा। उन्हें स्कूटी उपलब्ध हो। इस दौरान पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा, प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद, निदेशक एसपीजी आलोक शर्मा, पुलिस महानिदेशक (कारागार) पीसी मीणा आदि मौजूद रहे।