सीएम ने कहा कि जो लोग जितना दुष्प्रचार-अफवाह फैलाते थे, उन्हें जवाब देने के लिए जनता उतनी ही मजबूती से प्रयागराज आती रही। बहुत लोग जनता से नकारात्मक बयान दिलाने का प्रयास करते थे। एक यूट्यूबर ने कर्नाटक के श्रद्धालु से पूछा कि कितना पैदल चले। उसने उत्तर दिया, पांच किमी.। प्रश्न करने वाले ने कहा कि सरकार को व्यवस्था देनी चाहिए थी। श्रद्धालु ने कहा कि पैदल मैं चल रहा हूं, परेशानी तुम्हें क्यों हो रही है। भगवान के धाम तो पैदल ही जाना चाहिए। यह हमारे लिए साधना है।
सीएम ने कहा कि सनातन धर्म का भाव ही कृतज्ञता का होता है। किसी ने यह नहीं बोला कि यह सरकारी आयोजन है। सबने अपना आयोजन माना। जो भी आया, वह आशीर्वाद देकर गया। यह मानवता का अब तक का सबसे बड़ा समागम था, जिसने देश-दुनिया को बहुत कुछ संदेश दिया है। इतने बड़े आयोजन भी हो सकते हैं। क्राउड मैनेजमेंट का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया जा सकता है। आस्था को आजीविका के साथ भी बदला जा सकता है। ढेर सारे लोगों के जीवन में परिवर्तन भी लाया जा सकता है।