मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंडलीय भ्रमण पर रवाना होने से ठीक पहले जनता के प्रति जवाबदेह फील्ड के सभी प्रमुख संवर्गों के अफसरों को लखनऊ तलब किया है। वह लगातार तीन दिन तक उनसे कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सवाल-जवाब करेंगे।
सीएम 16 जून से 15 जुलाई के बीच सभी मंडलों का भ्रमण करेंगे। इसके पहले सीएम ने जिलों में नामित नोडल अधिकारियों को 11 से 15 जून तक अपने लिए तय जिलों का भ्रमण कर लेने का निर्देश दिया था। मगर चुनाव पश्चात हिंसा में हुई तेजी से वृद्धि और हाल ही अलीगढ़ व हमीरपुर में बेटियों के साथ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को लेकर सरकार लोगों के निशाने पर आ गई है। वहीं, तमाम निर्देशों के बावजूद पुलिस के बड़े अफसर इस स्थिति पर नियंत्रण का संकेत नहीं दे पा रहे थे।
नतीजतन मुख्यमंत्री ने खुद ही मोर्चा संभालने का फैसला किया। उन्होंने सोमवार को पहले पुलिस के आला अफसरों को तलबकर कानून-व्यवस्था पर जमकर क्लास ली। इसके बाद 12 जून को प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को लखनऊ तलब कर कानून-व्यवस्था व विकास कार्यों की समीक्षा का फरमान सुना दिया।
डीएम व एसएसपी की बैठक में मुख्य सचिव व डीजीपी के अलावा शासन के अपर मुख्य सचिवों से लेकर विशेष सचिव स्तर तक के सभी अफसरों को उपस्थित रहने को कहा गया है। इस दौरान पुलिस के आला अफसर भी मौजूद रहेंगे।
13 को सभी सीएमओ और सीएमएस तलब
मुख्यमंत्री ने 13 जून को प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों व चिकित्सा अधीक्षकों को तलब किया है। इस बैठक में जनता को उपलब्ध कराई जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं व सुविधाओं की समीक्षा की जाएगी।
सरकार को लगातार फीडबैक मिल रहा है कि तमाम अस्तपालों में जनता के साथ अच्छा व्यवहार नहीं हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह पहला मौका है जब कोई मुख्यमंत्री प्रदेश के मुख्य चिकित्साधिकारी व चिकित्सा अधीक्षक स्तर के अफसरों से खुद रूबरू होने जा रहा है।
14 को शिक्षा अधिकारियों से रूबरू होंगे योगी
शिक्षा व्यवस्था में सुधार मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है, लेकिन शिक्षा विभाग में जिलों में जड़ तक फैले भ्रष्टाचार की शिकायतें कम नहीं हो रही हैं। जहां भी जांच हो रही है, वहीं बड़े-बड़े घपले-घोटाले सामने आ रहे हैं।
सीएम जिलों के भ्रमण के दौरान शिक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे हैं। माना जा रहा है कि इस बार भी वह स्कूलों-कालेजों में पहुंचकर सुधारों की पड़ताल कर सकते हैं। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षकों व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों तक सीधे पहुंचाने का फैसला किया है। इसके लिए 14 जून को प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षक व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लखनऊ बुला लिए गए हैं।
प्रभारी अधिकारी अब 15 से 20 के बीच जिलों में करेंगे भ्रमण
मुख्यमंत्री द्वारा जिलों के जिम्मेदार अफसरों के साथ लगातार तीन दिन की मीटिंग तय कर दिए जाने की वजह से शासन के वरिष्ठ अफसरों का 11 जुलाई से प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम बदल दिया गया है। अब शासन के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव व सचिव स्तर के 42 अधिकारी 15 से 20 जून के बीच तय जिलों में भ्रमण कर सरकार के एजेंडे पर काम करेंगे।
कुछ अधिकारियों को दो-दो जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। इन अधिकारियों को सरकार की प्राथमिकताओं का एजेंडा दे दिया गया है। ये उसी आधार पर फील्ड में भ्रमण और जनता से संवाद कर मुख्यमंत्री को अपनी रिपोर्ट देंगे। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री अफसरों की रिपोर्ट पाने के बाद ही मंडलों के भ्रमण पर निकलेंगे।