योगी सरकार लोगों को भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों को दर्ज कराने का एक नया प्लेटफार्म देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सीएम-हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। इसकी निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) करेगा।
हेल्पलाइन की रूपरेखा तैयार करने के लिए गुजरात व मध्यप्रदेश में लागू इस तरह के सिस्टम का अध्ययन कराया गया है। भाजपा ने विधानसभा चुनाव संकल्प-पत्र में वादा किया था कि सरकार में भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज करने के लिए सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में विशेष हेल्पलाइन स्थापित की जाएगी।
सरकार ने इस ओर पहल कर दी है। विशेष सचिव आईटी नवीन कुमार जीएस को कुछ दिन पहले गुजरात भेजा गया था। इसके बाद झांसी के मंडलायुक्त अमित कुमार के निर्देशन में अधिकारियों की एक टीम मध्य प्रदेश भेजी गई।
सीएम के सुझावों को किया जाएगा शामिल
सीएम आदित्यनाथ योगी
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इस टीम में मुख्यमंत्री के विशेष सचिव नीतीश कुमार, यूपीडेस्को के एमडी पीसी श्रीवास्तव, एनआईसी के अधिकारी हेमंत अरोरा आदि शामिल थे। यह टीम भी मध्यप्रदेश की 181-सीएम हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली का अध्ययन कर लौट आई है।
आईटी विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हेल्पलाइन से जुड़ी कार्ययोजना पर काम चल रहा है। इसे दोनों टीमों की रिपोर्ट और प्रदेश में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों के लिए पहले से स्थापित अलग-अलग तंत्र को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।
फिर सीएम के सामने प्रजेंटेशन होगा। मुख्यमंत्री के सुझावों को शामिल कर नई व्यवस्था लागू की जाएगी। इसमें लोगों को फोन पर शिकायत दर्ज करने का मौका मिलेगा।
‘मध्य प्रदेश की सीएम हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली का अध्ययन कर हमारी टीम लौट आई है। जल्द ही सुझावों के साथ शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी। सीएम हेल्प लाइन का क्या प्रारुप होगा, इस पर निर्णय शासन करेगा।’ - अमित गुप्ता मंडलायुक्त झांसी