इसे विधानसभा चुनाव से ऐन पहले ऑपरेशन क्लीन की शुरुआत कहें या फिर सीबीआई जांच का डर, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भ्रष्टाचार में घिरे अपने दो मंत्रियों गायत्री प्रसाद प्रजापति और राज किशोर सिंह को सोमवार को एक साथ बर्खास्त कर दिया।
भूतत्व एवं खनिकर्म मंत्री गायत्री पर अवैध खनन कराने व गैरकानूनी तरीके से संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। वहीं, पंचायती राज मंत्री राज किशोर पर भ्रष्टाचार व जमीन हड़पने के आरोप हैं।
गायत्री की बर्खास्तगी इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि वह सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी और खास माने जाते हैं। वहीं, राज किशोर शिवपाल यादव के करीबी माने जाते हैं। मुख्यमंत्री की सिफारिश पर राज्यपाल राम नाईक ने दोनों मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया।
गायत्री व राज किशोर को टीम से बाहर करके अखिलेश ने पार्टी के भीतर बड़ा सियासी संकेत देने की कोशिश की है। गायत्री अखिलेश सरकार के पहले मंत्री थे जिनके खिलाफ लोकायुक्त से शिकायत हुई थी। लोकायुक्त ने जांच भी की लेकिन सियासी दबाव के चलते जांच बंद कर दी गई थी।
सीबीआई और केंद्र सरकार की जांच का डर
राज किशोर
सूबे में अवैध खनन में सीधे-सीधे गायत्री प्रजापति की भूमिका पर सवाल उठ रहे थे। अखिलेश सरकार इसकी सीबीआई जांच रुकवाने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की बड़ी बेंच पहुंची।
हाईकोर्ट ने नौ सितंबर को सीबीआई जांच पर रोक लगाने से इन्कार करते हुए राज्य सरकार से पूछा था कि जब खनन में कोई गड़बड़ी नहीं है तो सरकार जांच से क्यों बचना चाहती है?
दूसरी तरफ, बस्ती जिले में मनरेगा में बड़े पैमाने पर घोटाले के आरोप में केंद्र सरकार राज किशोर के खिलाफ जांच की तैयारी कर रही है। जांच में दोनों मंत्रियों के फंसने के डर से अखिलेश ने दोनों मंत्रियों को बाहर कर दिया।
फैसला मुझसे पूछकर नहीं : मुलायम
‘मुझे जानकारी नहीं कि मंत्री हटे हैं। मुझसे पूछकर फैसला नहीं लिया है। उनका विशेषाधिकार है। मुख्यमंत्री से कोई शिकायत हुई होगी। मुझे आप से पता चला है। क्यों हटाया ये भी पता नहीं। वे मंत्री भले नहीं हैं, एमएलए तो हैं।’
मुलायम तक ने की पैरवी सुबूत के बावजूद बच निकले
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गायत्री की सत्ता और पार्टी में पकड़ इतनी मजबूत थी कि लोकायुक्त जांच में तमाम सुबूत होने के बाद भी सरकार ने कभी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की। गायत्री की पैरवी में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव पर आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को पर फोन पर धमकाने के आरोप तक लगे।
राजकिशोर के घर में तीन-तीन लालबत्ती
राजकिशोर का बेटा देवेंद्र प्रताप सिंह बस्ती जिला पंचायत का अध्यक्ष है। भाई बृज किशोर सिंह पावर कार्पोरेशन का सलाहकार है।
प्रमुख सचिव खनिकर्म डॉ. गुरदीप भी हटाए गए
शासन ने प्रमुख सचिव भूतत्व एवं खनिकर्म डॉ. गुरदीप सिंह को भी हटा दिया है। वरिष्ठ आईएएस अफसर सुधीर गर्ग नए प्रमुख सचिव बनाए गए हैं।