मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ 22 जुलाई से 27 जुलाई तक ब्रिटेन यात्रा मेरी पहली विदेश यात्रा थी। इस यात्रा में जहां ब्रिटेन के पुराने साम्राज्य के प्रतीक चिह्न दिखाई दिए,वहीं उसके क्षरण के भी दृश्य ओझल नहीं हुए। हमने संसद और शाही बकिंघम पैलेस देखा तो वहीं महान साहित्यकार शेक्सपीयर के गांव तक भी गए।
सदियों पुरानी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी देखी तो क्रिकेट का लार्ड्स मैदान और हाईड पार्क का भी अवलोकन किया। इस यात्रा में पुरातन के साथ नए बदलाव भी हमारे स्मृति पटल पर अंकित होते रहे।
कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी ने अमर उजाला से मुलाकात में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की आबादी 3.5 करोड़ है जिसका एक चौथाई हिस्सा यानी 92 लाख लोग लंदन में रहते हैं। वहां की अर्थव्यवस्था व्यापार,कृषि और पर्यटन पर आधारित है।
वहां के लोग संपन्न तो हैं लेकिन अब भी बाजार और होटल में अंग्रेज ‘प्लीज हेल्प मी’की तख्ती लेकर भीख मांगते दिखाई दिए। यह शर्मनाक लगा।
लंदन में भी चलते हैं मानव चालित रिक्शे
संपन्नता की चौंधियाने वाली लंदन की दुनिया में मानव चालित रिक्शों को देखकर सिर झुक जाता है जहां अंग्रेज रिक्शा खींचता है। हिंदुस्तान में डॉ.लोहिया ने इस सवारी की आलोचना की थी।
वे कभी रिक्शा पर नहीं बैठे। विकासशील और विकसित देशों के बीच का जो अंतर है वह तो समझ में आता है लेकिन एक विकसित देश में भी सामाजिक विषमता की त्रासदी देखकर यही लगता है कि पूंजीवादी व्यवस्था के स्थान पर समाजवादी व्यवस्था ही मानवीय है।
भारतीयों में सीएम के साथ फोटो खिंचाने की होड़ विदेश में भी अखिलेश यादव के प्रशंसकों की भीड़ उनके पीछे थी। मुख्यमंत्री की लोकप्रियता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि भारत के दूसरे राज्यों के लोग जो लंदन घूमने आए थे,सभी ने मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई।
शाम के समय लंदन रंग-बिरंगी रोशनी से नहाया हुआ बहुत शानदार और आकर्षक लगता है। हमने द्वितीय विश्वयुद्ध के समय ब्रिटिश कैबिनेट का वार रूम और तत्कालीन प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल का वार रूम भी देखा जहां गोपनीय बैठकें होती थीं।
एलिजाबेथ के ताज में जड़ा है कोहिनूर हीरा
लंदन में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का स्थायी सरकारी निवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट है। यहां उनका सचिवालय भी काम करता है। लंदन में यातायात और परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चाक चौबंद दिखाई पड़ती है।
ब्रिटिश संसद भवन के सामने गांधीजी और चर्चिल की प्रतिमाएं स्थापित हैं। ब्रिजटावर्स के निकट की किलानुमा बिल्डिंग में कोहिनूर हीरा सुरक्षित है जो कभी भारत के बादशाहों के ताज की शोभा था।
इसकी वर्तमान कीमत लगभग 150 हजार करोड़ रुपये है। 105 कैरेट का यह हीरा ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के ताज में जड़ा है।
लंदन यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने मेरे लिए बिना प्याज और लहसुन के खाने की व्यवस्था कराने में मदद की। मुझे यही आशंका थी कि विदेशी धरती पर अपनी खानपान की आदत के चलते दिक्कत जरूर पेश आएगी।