26 मार्च से लखनऊवासी मेट्रो की सवारी नहीं कर सकेंगे। नई तारीख नई सरकार तय करेगी। इसमें कम से कम एक महीने का समय लग सकता है। मेट्रो के कॉमर्शियल रन टलने की आधिकारिक पुष्टि लखनऊ मेट्रो रेल कार्पोरेशन ने कर दी है।
एमडी कुमार केशव ने कहा कि तीन दिन के बाद कॉमर्शियल रन शुरू नहीं हो सकेगा। ऐसे में यात्रियों के लिए मेट्रो संचालन टाल दिया गया है। एलएमआरसी ने यह भी साफ कर दिया गया है कि आयुक्त मेट्रो रेल संरक्षा (सीएमआरएस) की अनुमति मिल जाने के बाद ही मेट्रो के कॉमर्शियल रन की नई तारीख की अनुमति सीएम आदित्यनाथ योगी से ली जाएगी।
एमडी कुमार केशव ने बुधवार को 26 मार्च से प्रस्तावित कॉमर्शियल रन शुरू होने से इन्कार किया। उनका कहना था कि मौजूदा हालात में मुझे नहीं लगता कि अब 26 मार्च से यात्रियों केलिए प्राथमिकता सेक्शन पर मेट्रो का संचालन शुरू हो सकेगा।
अभी भी कई ऐसी अड़चनें कॉमर्शियल रन शुरू होने के बीच बनी हुई हैं जिन्हें केवल तीन दिन के अंतराल में पूरा नहीं किया जा सकता है। ऐसे में कॉमर्शियल रन को अब टालना ही होगा।
अगली तारीख क्या होगी?
देखें क्या बोले, एमडी
लखनऊ मेट्रो
- फोटो : amar ujala
इस पर एमडी का कहना है कि अभी कोई तारीख एलएमआरसी तय नहीं कर रहा है। अब नई तारीख तभी तय होगी जब आरडीएसओ की ट्रायल रिपोर्ट और स्पीड सर्टिफिकेट के बाद सीएमआरएस की स्वीकृति भी हमें कारीडोर पर संचालन शुरू करने केलिए मिल जाए।
सीएमआरएस का सर्टिफिकेट मिलते ही हम मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी और नई सरकार के प्रतिनिधियों से मेट्रो को यात्रियों के लिए शुरू करने की तारीख तय करने के लिए प्रयास शुरू करेंगे। सीएमआरएस की स्वीकृति मिलने के बाद ही कॉमर्शियल रन की तारीख तय करने का सही समय होगा।
...तो इन वजहों से टला कॉमर्शियल रन
लखनऊ मेट्रो
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- आरडीएसओ का ट्रायल देरी से शुरू हो सका
- आरडीएसओ, सीएमआरएस की अनुमति में लगने वाले समय का गलत आकलन
- ट्रायल देरी से शुरू होने पर ट्रेनों को अपडेट करने के लिए जरूरी समय नहीं मिला
- कॉमर्शियल रन के लिए छह ट्रेनें नहीं मिलीं
- सर्टिफिकेट, अनुमति भी एलएमआरसी को नहीं मिल पाईं
तेजी भी नहीं आ सकी काम
एमडी का कहना है कि ट्रायल अपने शिड्यूल से पहले खत्म करने केलिए आरडीएसओ और एलएमआरसी की टीम ने दिन-रात काम किया। इसी वजह से 21 मार्च के तय शिड्यूल से 12 दिन पहले ही आरडीएसओ का ट्रायल खत्म हो गया।
हालांकि, सीएमआरएस केनिरीक्षण के लिए जरूरी स्पीड सर्टिफिकेट मिलने में जल्दी नहीं हो सकी। पहली ट्रेन भी तय समय से पहले यानी नवंबर के अंतिम सप्ताह में एलएमआरसी को मिल गई। बाकी की पांच ट्रेनें को मंगाने में एलएमआरसी सफल नहीं रहा। करीब चार महीने के लंबे समय के बाद भी दूसरी ट्रेन का इंतजार लखनऊ मेट्रो को है। इसके बाद चार और ट्रेन लखनऊ के लिए आनी हैं।
यूपी पहुंची पर लखनऊ नहीं आ सकी दूसरी ट्रेन
एमडी ने बताया कि होली की वजह से तीन दिन तक ट्रेन के कोच लेकर आ रहे ट्रक आगे नहीं बढ़ सके। इसकी वजह से दूसरी ट्रेन के लखनऊ पहुंचने में देरी हुई। बुधवार को यूपी की सीमा में तो ट्रक घुस गए लेकिन देर शाम तक दूसरी ट्रेन लखनऊ नहीं आ सकी।