फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

योगी ने शिक्षा समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, कहा- वर्षों से एक ही जगह जमे बाबुओं को तत्काल हटाएं

Fri, 14 Jun 2019 07:57 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के अधिकारियों को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार का पाठ पढ़ाया। मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि वर्षों से एक ही दफ्तर जमे बाबू, अधिकारियों के करियर पर दाग लगा रहे हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में जाकर स्कूलों की औचक चैकिंग करने,  जनता और जनप्रतिनिधियों से संवाद करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने अफसरों को दो टूक शब्दों में कहा कि अधिकारी कैंप कार्यालय की प्रथा बंद कर सरकारी दफ्तर में बैठकर काम करें। करीब चालीस मिनट के उद्बोधन में मुख्यमंत्री ने जमीनी हकीकत से रू-ब-रू कराते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता और विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।

लोक भवन में शुक्रवार को आयोजित उच्च, माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की पहली संयुक्त बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को मुख्यालय में बैठने की कोई जरूरत नहीं है। वे फील्ड में जाकर प्रधानाचार्यों, अध्यापकों और कर्मचारियों के साथ संवाद करें। उन्होंने प्रधानाचार्यों को साल में दो बार अभिभावकों के साथ मीटिंग करने के निर्देश दिए। खौसतौर पर सभी बीएसए को उनके क्षेत्र में रोजाना स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने दो वर्ष में शिक्षा में सकारात्मक सुधार किया है। बेसिक शिक्षा में 46 हजार शिक्षक भर्ती हो चुके हैं, 69 हजार की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। कायाकल्प योजना से 90 हजार स्कूलों को मॉडल बनाया है।

बैठक में उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल, मुख्य सचिव अनूपचंद्र पांडेय, अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव उच्च एवं माध्यमिक शिक्षा आर.के.तिवारी और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री शशिप्रकाश गोयल भी मौजूद थे।

छवि खराब होने से बचाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि छवि एक दिन में नहीं बनती बल्कि उसमें सालों की मेहनत लगती है। लेकिन गलत आदमी के साथ रहने से छवि बिगड़ने में समय नहीं लगता।

अवकाश के दिन भी खुलेंगे स्कूलों के दफ्तर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अवकाश के दिन स्कूल-कॉलेजों में शैक्षिक कार्य बंद रहें, लेकिन वहां कार्यालय बंद नहीं होंगे। जिस दिन शैक्षिक कार्य नहीं होते, उस दिन स्कूल और कॉलेज के प्रधानाचार्य अभिभावकों से मुलाकात कर संवाद स्थापित करेंगे।

25 जून से खुलेंगे स्कूल
मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में प्राइवेट स्कूल 20 जून के बाद खुल जाएंगे जबकि सरकारी स्कूल 1 जुलाई के बाद खुलेंगे। उन्होंने सरकारी स्कूलों को भी 25 जून से खोलने के निर्देश दिए। शिक्षक स्कूलों में साफ सफाई, पेयजल और बिजली की व्यवस्था करें ताकि जब बच्चे एक जुलाई को स्कूल आएं तो उन्हें माहौल अच्छा मिले।

स्कूल कॉलेजों में पुरातन छात्र परिषद का गठन होगा

मुख्यमंत्री ने सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पुरातन छात्र परिषद का गठन करने और पुराने छात्रों को 15 अगस्त और  26 जनवरी या अन्य किसी कार्यक्रम में आमंत्रित कर उन्हें सम्मानित करने के निर्देश दिए ताकि वे अपने पद और प्रभाव से स्कूल को विकसित करने में सहयोग करें।

बिना परमिट वाहनों पर रोक लगाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में बिना परमिट के वाहन नहीं चलने चाहिए। जुलाई के पहले सप्ताह तक स्कूल वाहनों के ड्राइवर और कंडक्टर का पुलिस से वेरीफिकेशन कराया जाए। उन्होंने मुख्य सचिव को जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को इस संबंध में पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री 21 जून से करेंगे जिलों का दौरा
योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वे खुद 21 जून से प्रदेश के अलग- अलग हिस्सों में निरीक्षण के लिए निकलेंगे। इस दौरान वे स्कूलों का भी औचक निरीक्षण करेंगे।
विज्ञापन

अवकाश में कटौती को दूसरे प्रदेशों ने भी अपनाया

मुख्यमंत्री ने कहा है कि शिक्षा संस्थानों में महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि सहित अन्य अवकाश में की गई कटौती से बच्चों को अध्ययन के लिए ज्यादा समय मिल रहा है। यूपी की पहल को दूसरे प्रदेशों ने भी अपनाया है।

जुलाई में चलेंगे तीन अभियान
मुख्यमंत्री ने जुलाई में सभी स्कूलों में पौधरोपण अभियान, संचारी रोग संरक्षण और स्कूल चलो अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी एक पौधा अवश्य लगाए।

ऐसे बताई जमीनी हकीकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे एक स्कूल का निरीक्षण करने गए तो वहां अध्यापिका बच्चों को पढ़ाने की जगह गर्मियों में स्वेटर बुन रही थी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें