लखनऊ। चक्की के बिजली कनेक्शन को स्थायी रूप से कटवाने की प्रक्रिया पूरी होने पर भी 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोपी बिजली विभाग के क्लर्क राजकुमार को दोषी ठहराकर भ्रष्टाचार निवारण एक्ट के विशेष न्यायाधीश विनीत नारायण पांडेय ने चार वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
कोर्ट में सरकारी वकील ने बताया कि वादी नितिन पटेल ने 5 फरवरी 2019 को भ्रष्टाचार निवारण संगठन के एसपी से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया था कि उनकी आटा चक्की का बिजली कनेक्शन मां के नाम था। चक्की चल नहीं रही थी। इसलिए उसे बंद करना था। साथ ही बिजली कनेक्शन को स्थायी रूप से कटवाना था। वादी ने बकाया बिजली बिल और कनेक्शन कटने की राशि भी जमा कर दी थी। बिजली विभाग के कर्मचारी वादी का मीटर निकाल ले गए थे। इसके बाद भी टीम वादी के पास आई और बताया की बिल बकाया है।
ऐसे में वादी ने स्थायी कनेक्शन कटवाने के लिए उच्चाधिकारियों और क्लर्क राज कुमार से मिले थे। उन्होंने दोनों से कनेक्शन कटने की रसीद मांगी थी, मगर लिपिक ने वादी को रसीद नहीं दी और इसके बदले 10 हजार रुपये के रिश्वत की मांग की थी। इस शिकायत पर संगठन की टीम ने रिश्वत के 10 हजार रुपये लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।