अखिलेश यादव सरकार में बनवाए गए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को गुणवत्ता जांच कमेटी ने क्लीन चिट दे दी है। कमेटी को यूपीडा की ओर से बनाए गए एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं मिली। हालांकि सीसीटीवी कैमरे लगाने, यात्री प्लाजा सहित सुविधाओं का निर्माण अधूरा पाया गया।
भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता और भूमि अधिग्रहण में गड़बड़ी को लेकर कई आरोप लगाए थे। सत्ता परिवर्तन के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसकी गुणवता एवं तकनीकी जांच के लिए रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकनॉमिक सर्वे (राइट्स) को सौंपी थी।
राइट्स के तकनीकी विशेषज्ञों ने यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश अवस्थी की मौजूदगी में गुणवत्ता और तकनीकी पहलुओं की जांच की। एक्सप्रेस-वे को गई जगह खोदकर निर्माण सामग्री के नमूने की जांच कराई गई। करीब दो महीने तक चली जांच के बाद राइट्स ने गुणवत्ता को निर्धारित मानक के अनुरूप बताते हुए क्लीन चिट दे दी है।
सीसीटीवी कैमरे लगाने में छह महीने का वक्त लगेगा
राइट्स की जांच में सामने आया कि एक्सप्रेस-वे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने थे जो कि समय पर नहीं लगाए गए। यूपीडा ने अब इसके लिए नए सिरे से टेंडर किए हैं, इसमें करीब छह महीने का समय लगेगा।