कक्षाओं का निर्माण अधूरा, शिक्षक भी नहीं
लखनऊ विश्वविद्यालय का नया सत्र 5 जुलाई से शुरू हो रहा है और कक्षाएं 9 जुलाई से शुरू होनी हैं। मगर नए सत्र की तैयारियां आधी-अधूरी ही हैं। सबसे ज्यादा समस्या स्ववित्तपोषित कोर्सों के सामने है। कुछ कोर्सों में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई तो कुछ कक्षाएं तैयार नहीं हैं। यहां अभी तक निर्माण कार्य चल रहा है और लाइट का कनेक्शन तक पूरा नहीं हुआ है।
विवि में रक्षा अध्ययन, भूगोल, होम साइंस, वुमेन स्टडीज विभागों में यूजी-पीजी स्तर पर कई कोर्स स्ववित्तपोषित में चलते हैं। इस बार एमए इन डिफेंस स्टडीज में प्रवेश नहीं हुए। होम साइंस में भी प्रवेश नहीं हुए। जबकि वूमेन स्टडीज व भूगोल में प्रवेश हुए हैं और दूसरे वर्ष की भी कक्षाएं चलनी हैं। मगर भूगोल में अब तक गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति नहीं है। यहां एक भी नियमित शिक्षक की भी तैनाती नहीं है। वहीं दूसरी तरफ विवि प्रशासन ने स्ववित्तपोषित कोर्सों में संविदा शिक्षक रखने के लिए विज्ञापन भी जारी कर रखा है, जिसके तहत आवेदन 10 जुलाई तक मांगे गए हैं और अन्य औपचारिकताएं भी होनी हैं। ऐसे में यहां 9 जुलाई से कक्षाएं कैसे चलेंगी? इसी तरह डिफेंस स्टडीज में मात्र एक रेगुलर शिक्षक तैनात हैं।
यहां भी बाकी कक्षाएं गेस्ट फैकल्टी के भरोसे चलती हैं, मगर अब तक इनकी भी नियुक्ति नहीं हुई है। होम साइंस में 3 संविदा शिक्षक तैनात हैं। जबकि वुमेन स्टडीज के कोर्स भी गेस्ट फेकेल्टी से ही चलते हैं।
इतना ही नहीं ये चारों विभाग व इनकी कक्षाएं कला संकाय की न्यू लॉ बिल्डिंग में चलती हैं। इस बिल्डिंग में पिछले काफी दिनों से निर्माण कार्य चल रहा है। हालत ये है कि यहां अभी तक बिजली कनेक्शन का काम भी नहीं हुआ है। जगह-जगह क्लास रूम में और बाहर तार लटक रहे हैं। कुछ कक्षाओं में निर्माण कार्य भी चल रहा है। गलियारे से क्लास रूम तक सामान निर्माण सामग्री बिखरी हुई है। इसकी वजह से भूगोल विभाग की काउंसलिंग उर्दू विभाग में करानी पड़ी थी।
कक्षाओं के संचालन का करेंगे प्रयास
शिक्षकों की नियुक्ति मामले में कुलपति से वार्ता करेंगे। कक्षाओं के संचालन का प्रयास किया जाएगा। निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराने को कहा गया है। कक्षाएं समय से शुरू कराने का पूरा प्रयास होगा।
- प्रो. पीसी मिश्रा, डीन, कला संकाय