लखनऊ। जानकीपुरम के सेक्टर-सी में कक्षा नौ के छात्र आर्यन जायसवाल (16) ने घर के तीसरे तल स्थित कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। मंगलवार सुबह स्कूल जाने के लिए जगाने पहुंची मां को उसका शव पंखे से रस्सी के सहारे लटका मिला। मौके से सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। सोने जाने से पहले आर्यन मां को अपना मोबाइल दे गया था।
सिटी मांटेसरी स्कूल के छात्र आर्यन के पिता महेंद्र प्रताप जायसवाल सिक्योरिटी एजेंसी चलाते हैं। परिवार में मां शोभना, जुड़वां बहनें रोजी, जैस्मीन और दादी संतोष हैं। फैजुल्लागंज निवासी मामा दीपू जायसवाल के अनुसार सोमवार रात खाना खाने के बाद आर्यन तीसरे तल पर बने कमरे में सोने की बात कहकर चला गया। सुबह 6:30 बजे शोभना उसे जगाने पहुंचीं तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज देने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला।
उन्होंने बगल की खिड़की से झांककर देखा तो आर्यन का शव फंदे से लटका था। शोभना की चीख सुन परिवार के अन्य लोग पहुंचे। महेंद्र ने खिड़की की जाली काटकर बेटे का शव उतारा। सूचना पर जानकीपुरम पुलिस व फॉरेंसिक टीम भी पहुंची। एसीपी गाजीपुर ए. विक्रम ने बताया कि आत्महत्या की वजह साफ नहीं हो सकी है। परिजनों ने कोई आरोप भी नहीं लगाया है।
दीपू ने बताया कि आर्यन पढ़ाई में अच्छा था। प्री एग्जाम में 78 प्रतिशत अंक आए थे। उसने हाईस्कूल में 98 प्रतिशत नंबर लाने का वादा किया था। घरवालों का पढ़ाई को लेकर आर्यन पर कोई दबाव नहीं था।
पंचिंग बैग बनाने के लिए लाया था रस्सी
घरवालों के मुताबिक आर्यन पंचिंग बैग बना रहा था। इसके लिए खरीदकर लाई रस्सी से लटककर उसने जान दे दी। कॉलोनी के लोगों का कहना था कि आर्यन बेहद शांत व सरल व्यवहार का था।
आर्यन आने वाला है...
आर्यन दादी का दुलारा था। वह रोजाना बाहर बैठकर उसके स्कूल से आने का इंतजार करती थीं। मंगलवार को भी वह घर के बाहर बैठीं एक ही रट लगाए थी कि स्कूल में छुट्टी हो गई है, आर्यन आने वाला है... उन्हें बदहवास देख कॉलोनी की महिलाओं की आंखें नम हो गईं। आर्यन अक्सर दादी को लेकर घर के बाहर टहलता था।
आर्यन जायसवाल व उसके परिवारीजन।
आर्यन जायसवाल व उसके परिवारीजन।
आर्यन जायसवाल व उसके परिवारीजन।
आर्यन जायसवाल व उसके परिवारीजन।
आर्यन जायसवाल व उसके परिवारीजन।
आर्यन जायसवाल व उसके परिवारीजन।