अधिकारियों के तबादलों को लेकर बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में ठन गई है। इनमें से एक अफसर को तो कार्यमुक्त कर दिया गया है जबकि दूसरे को कार्यमुक्त न करने का फरमान जारी किया गया है।
राज्य सरकार ने 8 सितंबर को 7 शिक्षा अधिकारियों की तबादला सूची जारी की थी। इसमें माध्यमिक शिक्षा विभाग के संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ अनिल भूषण चतुर्वेदी को निदेशक राज्य विज्ञान संस्थान इलाहाबाद एवं सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी नियुक्त किया गया था।
इसी प्रकार माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में तैनात उप निदेशक भगवती सिंह को बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यों के लिए शासन से संबद्ध किया गया था।
बिना जानकारी और मंजूरी लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग के दो अफसरों को स्थानांतरित किए जाने पर डॉ. दिनेश शर्मा ने सख्त नाराजगी जताई है। माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल ने भी बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रभात कुमार से आपत्ति दर्ज कराई है।
उन्होंने आपसी सहमति के बिना माध्यमिक शिक्षा के अधिकारियों का बेसिक शिक्षा में तबादला करने वाले अफसरों से स्पष्टीकरण तक मांगने को कहा है।
सहायक अध्यापक भर्ती में अनियमितता को देखते हुए अनिल भूषण चतुर्वेदी को सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी पद के लिए तो कार्यमुक्त कर दिया गया, लेकिन माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में तैनात उप निदेशक भगवती सिंह को कार्यमुक्त करने से इनकार कर दिया गया है। उप मुख्यमंत्री ने भी भगवती सिंह को कार्यमुक्त न करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग में एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तक प्रकाशन, मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कृत कराने, माध्यमिक शिक्षा विभाग के बजट प्रस्ताव तैयार करने सहित नीतिगत मामलों में भगवती सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उधर, बेसिक शिक्षा विभाग में भी बिगड़ी स्थितियों को सुधारने के लिए भगवती सिंह को शासन से संबद्ध करने का आदेश जारी किया गया है।