लखनऊ के हजरतगंज में नवनिर्मित विधायक निवास में विद्युत कार्य को लेकर उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड (यूपीआरएनएन) विद्युत इकाई-प्रथम के अपर परियोजना प्रबंधक सत्यवीर सिंह यादव और ठेकेदार कंपनी मेसर्स सेवा डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शिवराम पांडेय आपस में भिड़ गए। दोनों ने एक-दूसरे पर केस दर्ज कराया है।
सत्यवीर सिंह ने ठेकेदार और उसके साथियों पर फर्जी दस्तावेज बनाकर ब्लैकमेल करने, अभद्रता, गाली-गलौज, जानमाल की धमकी तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया है जबकि शिवराम का कहना है कि वह भुगतान के बदले 50 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं। इंस्पेक्टर आनंद शाही का कहना है कि दोनों पक्ष से साक्ष्य मांगे गए हैं।
इंस्पेक्टर ने बताया कि दारुलशफा में लोकतांत्रिक कांग्रेस के कार्यालय स्थल पर 11 मंजिला विधायक निवास का निर्माण हुआ है। उक्त इमारत में विद्युत कार्यों के लिए 13 जुलाई 2015 को महानगर निवासी शिवराम पांडेय की कंपनी मेसर्स सेवा डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड से अनुबंध किया गया था।
ठीक एक साल बाद कंपनी ने 70 लाख रुपये का काम दिखाते हुए 60 लाख रुपये भुगतान की मांग की। सत्यवीर ने बिल की जांच कराई तो यह 3.24 लाख रुपये का निकला। इस पर यूपीआरएनएन ने सिक्योरिटी मनी, इनकम टैक्स व टर्नओवर टैक्स काटकर 2.88 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। सत्यवीर का कहना है कि शिवराम पांडेय ने भुगतान के लिए फर्जी बिल लगाए थे।