जब डॉक्टर्स को पता चला कि दर्द से छटपटा रहे बजरंगी की आंत फट गई है तो उन्होंने तुरंत अपना फर्ज निभाया और उसे नई जिंदगी दी। इतना ही नहीं चिकित्सा अधीक्षक ने उसकी तीमारदारी भी की।
सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने एक भिखारी को नई जिंदगी दी है। हनुमान सेतु पर भिक्षा मांग कर जीवन यापन करने वाले बजरंगी (40) अचानक तेज दर्द से छटपटाने लगा।
कुछ लोगों ने दर्द से बेसुध बजरंगी को मंगलवार को सिविल अस्पताल पहुंचा दिया। अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच की तो पता चला कि उसकी आंत फट गई है। बजरंगी का इलाज कर रहे डॉ. आरके गौतम ने इमरजेंसी सर्जरी की बात कही।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे को सूचना दी गई। इसके बाद उनके आदेश पर ऑपरेशन के लिए रक्त की व्यवस्था की गई। बुधवार को सर्जरी की गई और अब उसकी हालत ठीक है। मरीज के तीमारदार की भूमिका अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे ने निभाई।