रायबरेली। शहर के सीमा विस्तार को बुधवार को हरी झंडी मिल गई है। ऐसे में 15 गांव की करीब दो लाख आबादी को जल्द शहर जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। सीमा विस्तार को लेकर काफी समय से अटकलें लगाई जा रही थी। इसके अलावा अन्य कार्यों को कराने पर भी सहमति बनी है।
सुपर मार्केट स्थित नगर पालिका कार्यालय स्थित सभागार में पालिकाध्यक्ष शत्रोह्न सोनकर, अधिकारी स्वर्ण सिंह की मौजूदगी में बोर्ड की बैठक शाम करीब तीन बजे शुरू हुई। बैठक में सीमा विस्तार कराने को लेकर सभासदों की राय ली गई। इस दौरान सर्वसम्मति से सीमा विस्तार को हरी झंडी मिल गई। नगर क्षेत्र में अभी तक 34 वार्ड हैं।
शहर से सटे 15 गांव नगर क्षेत्र में जोड़े जाएंगे। एम्स भी नगर क्षेत्र में शामिल हो जाएगा। बोर्ड की बैठक में देवानंदपुर में उद्यान विभाग को पार्क बनाने के लिए जमीन देने, इंटरलाॅकिंग, सड़क समेत अन्य कार्यों को कराने की सहमति बनी। इसके अलावा रतापुर चौराहा से गल्ला मंडी ओवरब्रिज तक सड़क का चौड़ीकरण कराने के अलावा रोड स्वीपिंग मशीन के संचालन की अनुमति, हॉट कुक्ड योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों को बर्तन देने समेत अन्य कार्यों को कराने भी सहमति बन गई। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि बोर्ड की बैठक सकुशल निपट गई।
ये गांव होंगे शामिल
किशुनपुर रामचंद्र, गोकुलपुर, डिडौली, गढ़ी खास, रामपुर, जहानपुर कोडर, दरियापुर, सुल्तानपुर आइमा, गढ़ी मुतवल्ली, बिबियापुर, चक बहादुरपुर, मधुपुरी, चकशहाबुद्दीनपुर, खसपरी, भुआपुर जुनारदार गांवों को शहर क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव पास हुआ है।
लोहार व बढ़ाई समाज के लोगों को मिलेगी जमीन
शहर की पटरियों के किनारे रहने वाले लोहार व बढ़ई समाज के लोग अब खुद की जमीन पर अपना आशियाना बना सकेंगे। बोर्ड की बैठक में समाज के लोगों को मुफ्त में जमीन देने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल गई। इन सभी के लिए साकेत नगर मोहल्ले में जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। काफी समय से यह मांग उठ रही थी।
डेढ़ माह से थी तकरार, फिर पक्ष में आ गए 30 सभासद
पालिकाध्यक्ष के कार्यों और भ्रष्टाचार को लेकर सभासद काफी समय से विरोध भी कर रहे थे। सभासदों की शिकायत पर चेयरमैन के खिलाफ जांच भी चल रही है। बोर्ड की बैठक में नजारा कुछ और ही देखने को मिला। 30 सभासद चेयरमैन के समर्थन में आ गए। सभी ने चेयरमैन को 50 लाख के कार्य कराने की स्वीकृत दिए जाने के प्रस्ताव को समर्थन किया।
तीन सभासदों ने विरोध किया, जबकि एक सभासद ने बैठक में भाग नहीं लिया। एक सभासद जो सबसे ज्यादा विरोध कर रहे थे, वह तो खुलकर चेयरमैन का समर्थन करने लगे। ऐसे में इस बात की चर्चा रही कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि चेयरमैन के पक्ष में सभासद आ गए।
न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुई बैठक
परमजीत सिंह गांधी समेत अन्य सभासदों ने डीएम को ज्ञापन किसी मजिस्ट्रेट को नियुक्त करके बोर्ड की बैठक कराने का अनुरोध किया था। डीएम के निर्देश पर एसडीएम न्यायिक मजिस्ट्रेट अहमद फरीद खान की मौजूदगी में बोर्ड की बैठक हुई।
नगर पालिका परिषद की बोर्ड की बैठक सकुशल निपट गई। इसमें कई अहम प्रस्तावों को पास कराया गया है। खासकर शहर के सीमा विस्तार को हरी झंडी मिलना एक अच्छा कदम है। इससे वहां के लोगों को शहर जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
- स्वर्ण सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद रायबरेली