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महंगा हुआ अपने घर का सपना

Thu, 01 Aug 2013 02:35 AM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
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भू-संपत्तियों की खरीद फरोख्त में अब जेब ज्यादा ढीली होगी। जिले में डीएम सर्किल रेट की नयी दरे गुरुवार से लागू हो जाएगी।
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आपत्तियों के निस्तारण के बाद संशोधित सर्किल रेट की नयी सूची को जिलाधिकारी अनुराग यादव के निर्देश पर लागू कर दिया गया।

गुरुवार से जमीन, मकान व अन्य भू संपत्तियों की खरीद में दस से तीस फीसदी की बढ़ोत्तरी के साथ नयी सर्किल दरों पर स्टांप शुल्क खरीददार को चुकाना पड़ेगा।

शहरी क्षेत्र में महानगर व इंदिरा नगर इलाकों में हुई प्रति वर्ग मीटर 5500 रुपया की दर से हुई सर्वाधिक बढ़ोत्तरी के बाद इन इलाकों की भू संपत्तियों के दाम में सर्वाधिक बढ़ोत्तरी होगी।

एडीएम वित्त व राजस्व संजय कुमार सिंह यादव ने एक अगस्त से जिले के निबंधन कार्यालय सहित बीकेटी, मलिहाबाद व मोहनलालगंज तहसील में डीएम सर्किल रेट लागू किए जाने की जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि सर्किल रेट व बाजार भाव में व्याप्त अंतर के कारण होने वाले राजस्व की भरपायी के लिए ही एक अगस्त से लागू नयी सर्किल दरों को भू उपयोग, क्षेत्रीय उपयोगिता व व्यवसायिक आधार पर तय कर लागू किया जा रहा है।

ताकि बढ़ी हुयी सर्किल दर पर निबंधन होने से स्टांप शुल्क की प्रतिवर्ग मीटर बढ़ी दर से राजस्व में बढ़ोत्तरी की जा सके।

दूसरी तरफ स्टांप (नियमावली 1977 एवं संशोधित नियमावली 2013 के नियम 4 के तहत अब हर साल एक अगस्त को सर्किल रेट की नयी संशोधित दरों को प्रख्यापित कर लागू किया जाता है।

इसी के तहत गुरुवार एक अगस्त से जिले में भू संपत्तियों की खरीद पर सर्किल रेट की नयी दरों के आधार पर स्टांप शुल्क लेने की व्यवस्था निबंधन में लागू होगी।

उन्होंने बताया कि नए डीएम सर्किल रेट का निर्धारण करने में पहली बार जिले के हर मोहल्ले, हर गांव के लिए अलग अलग दरों का स्पष्ट निर्धारण कर औसतन दस से पंद्रह फीसदी तक बढ़ोत्तरी ही लागू की गयी है।

कुछ पाश इलाकों में वर्तमान दर से अधिकतम 20 से 30 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी लागू कर कई संपत्तियों की वर्तमान दरों में कोई बदलाव न कर राहत पहुंचाने का भी पूरा प्रयास किया गया है।
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औद्योगिक क्षेत्र को पूरी राहत
गुरुवार से लागू होने वाली नयी सर्किल दरों में औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी संपत्तियों की वर्तमान दर में कोई बदलाव न कर जस का तस रखा गया है।

कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रदेश सरकार की औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा दिए जाने की नीति के दृष्टिगत इंडस्ट्रीयल एरिया की भू संपत्तियों की वर्तमान दर को बढ़ोत्तरी से अलग रखा गया है।

लेकिन औद्योगिक गतिविधियों के इतर प्रयोग होने वाली संपत्तियों की दर में दस फीसदी की बढ़ोत्तरी लागू होगी।
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