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Lucknow News: कोर्ट में पेश नहीं हुए चर्च के संचालक, अंतिम मौका 16 को

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लखनऊ। मोहनलालगंज में धर्मांतरण गिरोह के राजफाश के मामले में भदेसुवा स्थित चर्च के संचालक तहसीलदार कोर्ट में पेश नहीं हो रहे हैं। कोर्ट की ओर से कई बार नोटिस जारी किया गया, लेकिन संचालक ने कोई दस्तावेज नहीं प्रस्तुत किया। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 16 सितंबर को अंतिम मौका दिया गया। उधर, प्रशासन और स्थानीय लोगों की सख्ती के बाद चर्च में लोगों का आना कम हो गया है।
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तहसीलदार ऋतुराज शुक्ल के मुताबिक 16 को भी कोई कोर्ट में पेश नहीं होता है तो चर्च के केयरटेकर राजेश गौतम और पास्टर चंद्रिका को अंतिम नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद बेदखली की कार्रवाई होगी। प्रशासन का कहना है कि चर्च का कुछ हिस्सा सरकारी जमीन पर बना है। ऐसे में उसे ध्वस्त कर सरकारी जमीन खाली कराई जाएगी।
उधर, पूरे मामले में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार करने के बाद आगे कोई कार्रवाई नहीं की। कुछ हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया था और कार्रवाई की मांग करते हुए हजरतगंज थाने में तहरीर दी थी। प्रदर्शन के बाद ये संगठन भी शांत बैठ गए। खुफिया एजेंसियों की जांच भी ठंडे बस्ते में चली गई। इस कारण गिरोह फिर से सक्रिय हो गया है। हालांकि, पहले से ज्यादा सतर्कता बरत रहा है और मोहनलालगंज को छोड़कर आसपास के क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाया जा रहा है।
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आगरा, बिहार में भी पकड़ा गया था गिरोह
धर्मांतरण गिरोह की जड़ें कई राज्यों तक फैली हैं। हाल में ही बिहार के सीतामढ़ी में ग्रामीणों ने गिरोह को पकड़ा था, जो हिंदुओं को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रलोभन दे रहा था। इसमें सरकारी योजनाओं के लाभ के साथ एक लाख रुपये का ऑफर शामिल था। आगरा की शाहगंज पुलिस ने भी धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी राजकुमार लालवानी और तीन महिलाओं सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। यह गिरोह प्रार्थना सभाओं में बीमारी और गरीबी दूर करने का झांसा देता था।

एक नजर में मामला
मोहनलालगंज में धर्मांतरण गिरोह पकड़ा गया था। इसमें सरगना डेनियल के साथ सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था। गिरोह ने भरसवा और आसपास के गांव के लोगों का धर्मांतरण कराया था। गिरोह ने केरल से आई टीम की मदद से हिंदुओं को ईसाई बनाया। गिरोह ने मोहनलालगंज, निगोहां, नगराम, आलमबाग और कृष्णानगर जैसे इलाकों में पैठ जमाकर सबसे पहले दलित समाज के लोगों को निशाना बनाया।


अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया मामला
प्रकरण सामने आने के बाद अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से उठाया। मोहनलालगंज में जाकर हालात देखे और इस संबंध में सिलसिलेवार तरीके से खबरें प्रकाशित कीं। इसके बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ।
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