राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. विशेष गुप्ता ने बताया कि शिक्षा का प्रारूप हासिल कर लिया गया है। इसी प्रारूप पर इन बच्चों को सरकारी स्कूलों में शिक्षा दी जाएगी।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि स्कूल दोपहर दो बजे तक बंद हो जाते हैं। इसके बाद इन स्कूलों में ऐसे बच्चों को शिक्षा दिए जाने की योजना है। आंगनबाड़ी केंद्रों में भी बच्चों को पढ़ाया जाएगा।
इन बच्चों को पढ़ाने की इच्छुक संस्थाओं व स्कूलों के अध्यापकों को भी इससे जोड़ा जा रहा है। इन बच्चों की शिक्षा का क्रम शुरू होने के साथ ही उनके अभिभावकों को भी रोजगार परक प्रशिक्षण देने की योजना शुरू कर दी जाएगी।