लखनऊ। विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय का कहना है कि बच्चों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा, पिता ने बचपन में मुझे उर्दू भी सिखाई थी। वे शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर विक्रमादित्य मार्ग स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ट्रस्ट कार्यालय में आयोजित परिचर्चा में संबोधित कर रहे थे।
पांडेय ने कहा, नई शिक्षा नीति में भी मातृभाषा में शिक्षा देने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ट्रस्ट के अध्यक्ष अब्दुल नसीर नासिर ने कहा कि भाषा कभी भी धर्म का हिस्सा नहीं होती। यह इलाके पर निर्भर करती है। दुनिया गवाह है कि उर्दू के विरोध में बांग्लादेश अस्तित्व में आया था, जहां 90 फीसदी मुस्लिम लोग रहते है। वहां स्थानीय बांग्ला भाषी लोग बांग्ला को प्राथमिकता देने के पक्ष में थे।
मौके पर इस्लामिया डिग्री कॉलेज की डॉ. तबस्सुम खान, मो. अनीस मंसूरी, अजय कुमार गुप्ता, सईद अहमद सिद्दीकी, आरके मिश्रा, अनवर आलम, पीसी कुरील आदि मौजूद रहे।