राज्यपाल राम नाईक ने बुधवार को राजभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में यूनिसेफ की ओर से प्रकाशित ‘द स्टेट ऑफ वर्ल्ड चिल्ड्रन-2017 : चिल्ड्रन इन ए डिजिटल वर्ल्ड’ रिपोर्ट का विमोचन किया।
राज्यपाल ने यूनिसेफ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल दुनिया श्राप है या वरदान या इसका उपयोग कैसे करना चाहिए, इस लिहाज से यह रिपोर्ट काफी महत्वपूर्ण है।
डिजिटल वर्ल्ड से जो प्रगति हुई है, उसको शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। हमें नई तकनीक का प्रयोग देश को आगे बढ़ाने के लिए करना चाहिए। यूनिसेफ की रिपोर्ट विश्व के 190 देशों में एक साथ जारी की गई।
नाईक ने कहा कि इंटरनेट का प्रयोग करने वालों में बच्चों की संख्या एक तिहाई है। उन्हें डिजिटल दुनिया के खतरों से सचेत करते हुए सुरक्षित ऑनलाइन सामग्री उपलब्ध कराने की जरूरत है।
प्रमुख सचिव जूथिका पाटणकर ने यूनिसेफ के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यूनिसेफ ने बच्चों के विकास, बुनियादी शिक्षा और बाल श्रम पर सराहनीय कार्य किए हैं।
सही तरीके से डिजिटाईजेशन के प्रयोग से बच्चों में बदलाव लाया जा सकता है। उत्तर प्रदेश यूनिसेफ के प्रोग्राम मैनेजर अमित मेहरोत्रा ने इंटरनेट को ज्ञान का खजाना बताया।
कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने छात्रों को बताया कि किस तरह वह साइबर स्पेस के अपराधियों से सावधान रहें।