तबला वादन में बच्चे बन रहे उस्ताद
लखनऊ। भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में कला अभिरुचि कार्यशाला में विभिन्न कलाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। तबला वादन की कार्यशाला में बच्चों की रुचि अधिक देखने को मिल रही है। तबला वादक डॉ. मनोज मिश्रा ने बताया कि बच्चों के नन्हें हाथों की चोट से तबले से मधुर थाप निकल रही है। ऐसा लगता है कि आने वाले कल के तबला उस्ताद यही हैं। कथक में बच्चों की संख्या अधिक है और गिटार वादन में ज्यादातर युवा हैं। गिटार का प्रशिक्षण दे रहे निहाल मिश्रा ने बताया कि गिटार की कार्यशाला में लड़कियों की संख्या अधिक है।