लखनऊ। हजरतगंज स्थित बहुखंडी विधायक व मंत्री आवास और समाज कल्याण विभाग के मुख्यालय से महज चंद कदमों की दूरी पर रविवार को 14 साल की मासूम को बाल विवाह की तैयारी चल रही थी। इसकी सूचना न तो स्थानीय पुलिस को थी और न ही प्रशासनिक अधिकारियों को। इसी बीच बाल विवाह की सूचना आशा ज्योति केंद्र को दे दी गई। केंद्र प्रभारी अर्चना सिंह ने बालू अड्डे पर रविवार दोपहर को छापा डालकर मासूम बच्ची को मुक्त कराया। बच्ची को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया।
इससे पहले जब सख्ती की गई तो टीम की महिलाएं घर अंदर दाखिल हुईं तो मामला कहासुनी से शुरू होकर खींचतान तक पहुंच गया। आशा ज्योति केंद्र की टीम ने सख्ती दिखाते हुए बाल विवाह रुकवा दिया। पूछताछ शुरू की गई तो मां ने बच्ची अपनी मर्जी से शादी कर रही है। वहीं सभी के सामने मासूम बच्ची से पूछताछ की गई तो उसने मां के बयान का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि उसे जबरदस्ती शादी के लिए कहा गया। विरोध करने पर कई तरह की धमकियां दी गईं। समिति ने आगे की कार्रवाई तक बच्ची को आशा ज्योति केंद्र में ही रखने का आदेश दिया है।
होगी कार्रवाई
पुलिस को इसकी जानकारी नहीं है। आशा ज्योति केंद्र में पुलिस टीम भी होती है। उसने मासूम को बाल विवाह से बचाया है। केंद्र जो रिपोर्ट देगी उसके आधार पर मां-पिता और अन्य रिश्तेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सुरेश चंद्र रावत, एएसपी पूर्वी (नगर)