नाले में बच्चे को खोजते नगर निगम कर्मचारी
लखनऊ के वजीरगंज की रिवर बैंक कॉलोनी में रविवार देर शाम गहरे नाले में गिरे बच्चे का शव 42 घंटे बाद 3 किमी. दूर हजरतगंज क्षेत्र में गोमती में उतराया। बच्चे की सलामती की दुआ कर रहा परिवार बिलख उठा। माता-पिता पोस्टमॉर्टम न कराने की गुहार लगाते हुए एसओ से लिपट कर रोने लगे। बोले कि उन्हें अपने बच्चे का शव तो देखने को मिला। पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई करके शव उन्हें सौंप दिया।
एसओ वजीरगंज पंकज कुमार सिंह ने बताया कि रिवर बैंक कॉलोनी के सी-ब्लॉक स्थित नाले में रविवार शाम 7 बजे गिरे चार वर्षीय नावेद की मंगलवार सुबह नए सिरे से तलाश शुरू की गई। नगर निगम की टीम नाले की सफाई में जुटी थी। बच्चे का शव गोमती तक पहुंचने की संभावना के चलते एसआई संजय सिंह ने नावेद के पिता जहीर व दो अन्य व्यक्तियों को साथ लेकर नाव से नदी खंगालनी शुरू की।
नाव में सवार टीम ने दोपहर तक शहीद स्मारक के पीछे से हनुमान सेतु के नीचे तक गोमती के दोनों किनारे चेक किए। इस बीच निशातगंज पुल के नीचे स्थित मंदिर के पुजारी ने एक बच्चे का शव उतराते देख दोपहर एक बजे इंस्पेक्टर पुलिस को कॉल की। इंस्पेक्टर विकास पांडेय मौके पर पहुंचे। उन्होंने नाले में गिरे नावेद का शव होने की आशंका के चलते एसओ वजीरगंज को फोन किया।
पिता को साथ ले नाव से पहुंची पुलिस
एसओ पंकज सिंह ने जहीर को साथ लेकर शव की तलाश में निकले एसआई संजय सिंह को कॉल की। नाविक ने रफ्तार बढ़ाई और बच्चे के पिता को साथ लेकर वजीरगंज थाने की टीम दोपहर 1:30 बजे निशातगंज पुल के नीचे पहुंची। इस बीच शव उतारते हुए गोमती दक्षिणी किनारे पर जा लगा। मामला हजरतगंज क्षेत्र का होने पर इंस्पेक्टर आनंद कुमार शाही अपनी टीम के साथ पहुंचे। इस बीच परिवारीजनों की मदद से शव को गोमती से निकाल चुके जहीर ने पोस्टमॉर्टम न कराने का मांग की। एसओ वजीरगंज ने ढांढस बंधाया। उच्चाधिकारियों से इजाजत मांगी और हजरतगंज पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई करके शव परिवारीजनों को सौंपा।