बैठक में मंडलायुक्त मनोज मिश्र ने कहा कि मंडल में कांवड़ यात्रा 17 जुलाई से 15 अगस्त 2019 तक होगी। इस दौरान कांवड़िया जनपद अयोध्या, बस्ती, गोंडा, अम्बेडकरनगर, सुल्तानपुर व अमेठी से होकर अयोध्या, सुल्तानपुर व अमेठी में गोमती से जल लेकर अपने गन्तव्यों/शिवालयों को जाते है।
उन्होनें बताया कि अयोध्या में कांवड़ियां सरयू जी का जल लेकर नया घाट, राम की पैड़ी से होते हुए नागेश्वरनाथ मंदिर पर जलाभिषेक करते हुए जाते हैं। इसी जनपद बाराबंकी में रामनगर महादेवा, अम्बेडकरनगर में शिवबाबा, टांडा में झारखंडी मंदिर एवं अन्य शिवालयों पर भारी संख्या में जलाभिषेक करते हैं।
उन्होनें बताया कि कांवड़ यात्रा के लिए मंडलीय अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन व्यवस्था के बारे में बताते हुए कहा कि अयोध्या के मुख्य स्नान घाटों पर मोटर चालित नाव पर पीएससी के जवान, जल व थल बैरीकेटिंग, पब्लिक एडेस सिस्टम, कन्ट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है।
स्वास्थ सेवाओं के लिए कांवड़ियों के रास्ते में पड़ने वाले समस्त सीएचसी, पीएचसी व 108 एम्बुलेंस सेवा 24 घंटे कार्यरत रहेगी। मेले में अस्थाई उपचार हेतु 13 केन्द्र, मुख्य मार्गों पर चिकित्सा शिविर, मोबाइल चिकित्सालय व मुख्य कांवड़ मार्गों पर सभी सीएचसी, पीएचसी को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मंडलायुक्त ने बताया कि कांवड़ यात्रा के लिए साफ-सफाई, पेयजल व अन्य व्यवस्थायें दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। एनएचएआई एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा मुख्य मार्गों पर पड़ने वाले टोल प्लाजाओं व थानों के निकट एम्बुलेंस की समुचित व्यवस्था व मार्गों को गढ्ढा व जल भराव न होने पाए इससे जुड़ी तैयारी करेंगे।
उन्होंने कांवड़ यात्रा के दौरान निर्वाध बिजली व्यवस्था व मरम्मत के लिए टीमों की व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुरक्षा, परिवाहन विभाग की तैयारियों, खाद्य एवं सुरक्षा विभाग व अन्य सभी बिन्दुओं की तैयारी की विस्तृत जानकारी दी।