यूपी में पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल के निजीकरण की प्रक्रिया के बीच शनिवार को लखनऊ के होटल में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न पहलुओं पर मंथन हुआ। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने दो टूक कहा कि प्रदेश में बिजली सुधार जरूरी है। सरकार इसके लिए हर स्तर पर तैयार है। बिना रुके, बिना थके सुधार की दिशा में आगे बढ़ना होगा। किसी के विरोध के कारण दबाव में नहीं आना है। विकसित भारत और विकास की बात विद्युत क्षेत्र में सुधार (रिफॉर्म्स) किए बिना संभव नहीं है।
कर्मचारियों के हितों की रक्षा से लेकर वित्तीय प्रबंधन और उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर बिजली देने के लिए अपनाई जाने वाली विधियों पर राय रखी। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि विद्युत व्यवस्था को बेहतर करने के लिए हमें कठिन और संवेदनशील फैसले लेने होंगे।
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उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के सुधार के वक्त विरोध होता है, लेकिन हमें अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना है। ग्रेटर नोएडा का उदाहरण देते हुए कहा कि अब लोग एनपीसीएल का कनेक्शन लेना चाहते हैं। ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव नरेंद्र भूषण ने कहा कि दिल्ली, उड़ीसा, चंडीगढ़ समेत देश के कई हिस्सों में विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सुधार और निजीकरण किया गया है, जो बेहद सफल भी रहा है।