कौशल विकास मिशन योजना में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को औद्योगिक इकाइयों के साथ सरकारी संस्थाओं में नौकरी देने में प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकारी संस्थाओं के रिक्त पदों को भरने के लिए शैक्षिक योग्यता के साथ कौशल विकास मिशन प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को प्राथमिकता देने संबंधी आदेश विभागवार जारी किए जाएंगे।
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने बुधवार को व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत गठित राज्य संचालन समिति की बैठक में अधिकारियों को यह निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न औद्योगिक व सरकारी संस्थाएं भर्ती संबंधी विज्ञापनों में प्राथमिकता दिए जाने का उल्लेख करेंगे। विभिन्न संस्थाओं व पंजीकृत ठेकेदारों को श्रमिकों को उनकी योग्यता के अनुसार तकनीकी प्रशिक्षण दिलाने के लिए श्रेणीबद्ध किया जाए।
कौशल विकास मिशन में संचालित योजनाओं से संबंधित विभागों से कम से कम एक-एक अधिकारी को मिशन से संबद्ध या प्रतिनियुक्ति पर तैनात किया जाए।
4.26 लाख युवाओं को दिया जाएगा रोजगार
वित्तीय वर्ष 2015-16 में विभिन्न योजनाओं के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 4.26 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि मार्च 2017 तक 14 से 35 वर्ष के 24 लाख युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण देकर रोजगार प्राप्त करने में हर संभव सहायता दिलाई जाएगी।
इसमें महिलाओं, अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति, जनजाति, शारीरिक रूप से अक्षम और कम पढ़े-लिखे लोगों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
प्रदेशभर के सभी जिलाधिकारी कौशल विकास मिशन के लक्ष्य को पूर्ण करने में अपना सक्रिय सहयोग देंगे।
हर माह के पहले सप्ताह में बैठक कर योजना की प्रगति, जिलों को आवंटित योजनावार प्रशिक्षण, प्रदातावार प्रशिक्षण, लक्ष्यों के सापेक्ष प्रगति की समीक्षा करेंगे। इसकी सूचना 10 तारीख तक मिशन कार्यालय को दी जाएगी।