मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी
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प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों व अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की दैनिक प्रगति की समीक्षा होगी। मुख्य सचिव आरके तिवारी ने कहा, मंडलायुक्त व जिलाधिकारी प्लांट की स्थापना के लिए समय पर टेंडर प्रक्रिया पूरी करने व कार्यादेश जारी करने की स्वयं समीक्षा करें। वहीं, मंडल व जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी नामित करें, जो हर दिन की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों व उनके कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे। मुख्य सचिव ने ये निर्देश बुधवार को संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान दिए।
उन्होंने कहा कि एमपी, एमएलए, स्टेट व सीएसआर फंड से बड़ी संख्या में आक्सीजन प्लांट स्थापित कराए जा रहे हैं। इसलिए संबंधित जिलाधिकारी कंपनियों से संपर्क व समन्वय के लिए अलग से नोडल अधिकारी नामित करें। जिससे तय समय में प्लांट चालू हो सके। इसमें कोई लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारी को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि अस्पतालों में उपलब्ध सभी वेंटिलेटर काम करे। इसके लिए जरूरी उपकरण, स्टाफ की व्यवस्था के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
उधर, अपर मुख्य सचिव आबकारी, चीनी एवं गन्ना विकास संजय भूसरेड्डी ने बताया कि प्रदेश में चीनी मिलें के जरिए 40 और आबकारी से 39 आक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 70 हजार से अधिक निगरानी समितियां गठित हैं। हर निगरानी समिति को 25-25 मेडिसिन किट दिए जा चुके हैं।
अगले तीन दिन में और 18 लाख किट उपलब्ध करा दिए जाएंगे। बाद में तीन-तीन दिन के अंतराल पर इतने ही किट नियमित रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे। जिन व्यक्तियों को मेडिसिन किट दी जाएगी, अगले दिन उनकी टेस्टिंग की जाएगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव एमएसएमई एवं सूचना नवनीत सहगल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी मंडलायुक्त व जिलाधिकारी भी मौजूद थे।